जींद। अगर हरियाणा सरकार ने पंद्रह दिसंबर तक जाटों को आरक्षण देने का वैधानिक ऐलान नहीं किया तो जाट सोलह दिसंबर दिल्ली के दूध पानी को बंद करने के लिए अपने जत्थे रवाना करेंगे। ये जत्थे 23 दिसंबर को दिल्ली और हरियाणा के पांच बार्डरों पर मोर्चा संभाल लेेंगे। सर्व जाट खाप आरक्षण समिति हरियाणा के नेताओं का कहना है कि अगर इसके बाद भी हरियाणा सरकार की आंखें नहीं खुली तो रेल रोकने जैसा कड़ा कदम उठाया जाएगा।
मंगलवार शाम को जींद की जाट धर्मशाला में सर्व जाट खाप आरक्षण समिति के अध्यक्ष नफेसिंह नैन और समिति के प्रवक्ता सूबे सिंह सैमाण ने कहा कि अगर हरियाणा सरकार पंद्रह दिसंबर तक जाटों के लिए वैधानिक रूप से आरक्षण की व्यवस्था नहीं करती है तो अब जाट आरक्षण के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हो गए हैं। दोनों जाट नेताओं ने कहा कि आरक्षण के लिए आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्वक होगा। लेकिन सरकार इसे जाटों की कमजोरी मानने की भूल कदापि न करे। नेताओं ने कहा कि अब तो आरक्षण लेकर ही दम लिया जाएगा।
जत्था कार्यक्रम के बारे में सूबेसिंह सैमाण ने कहा कि एक जत्था नरवाना से, एक हिसार से, भिवानी से, एक करनाल से तथा एक जत्था पलवल से दिल्ली की और कूच करेगा। उन्होंने बताया कि जत्थे उनके रूट के हिसाब से 23 दिसंबर को दिल्ली के पांच बार्डर पर पहुंचेंगे और वहीं रोड को ब्लाक करेंगे। उन्होंने बताया कि इन जत्थों के अतिरिक्त 23 दिसंबर को सुबह काफी संख्या में लोग वाहनों में सवार होकर दिल्ली के बार्डरों पर पहुंचेंगे।
कौन-कौन से बार्डर रोकेंगे
जत्था नरवाना और हिसार से दिल्ली बार्डर पहुंचेगा वह दिल्ली में टीकरी बार्डर और नजफगढ़ बार्डर पर रोड ब्लाक करेगा। इसी प्रकार अन्य रूटों के जत्थे अपने रोड पर जहां पर दिल्ली में सड़क प्रवेश करती है उसे ब्लाक करेंगे।