नई दिल्ली। रोहिणी जिला अदालत ने मानसिक रूप से पीड़ित नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास में राज किशोर (35) को पांच साल कैद और दस हजार रुपये की सजा सुनाई। राजकिशोर लकवा ग्रस्त है। उसने शारीरिक अशक्तता के आधार पर नरमी बरतने की अदालत से गुजारिश की थी। लेकिन अदालत ने पीड़िता की गवाही व फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर इसे खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पीड़ित लड़की मानसिक रूप से पीड़ित है और सही से बोल नहीं पाती है। फरवरी में वह हैदरपुर स्थित अपने घर पर अपने भाई बहनों के साथ थी। उसकी मां काम पर गई हुई थी। पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले राज किशोर ने उसे सफाई के लिए अपने घर बुलाया और उससे दुष्कर्म की कोशिश की। इस दौरान उसने लड़की को गंभीर चोट पहुंचाई। लड़की के शोर मचाने पर उसका भाई मदद के लिए पहुंच गया। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि बेशक राज किशोर का दायां हिस्सा लकवा ग्रस्त है, लेकिन पीड़िता भी शारीरिक व मानसिक रूप से पीड़ित है।