नई दिल्ली। हाथ में थैला लेकर निकलने की शर्म और प्लास्टिक बैग में शॉपिंग करने की आदत आज से छोड़ दें। आप घर से हाथ में थैला लेकर ही शॉपिंग के लिए निकलें तो बेहतर होगा। दरअसल, आदत में शुमार हो चुकी ‘पॉलीथिन को ना कहिए’ की थीम के साथ दिल्ली सरकार ने प्लास्टिक बैग के उत्पादन, आयात, बिक्री, भंडारण, ट्रांसपोर्टेशन और इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी लागू कर दी है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर रोक के लिए एक लाख रुपये जुर्माना और पांच साल तक की कैद पर सख्ती बरती जाएगी। कपड़े या जूट बैग के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए आरडब्ल्यूए और दुकानदारों की भागीदारी ली जाएगी। मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी ने बताया कि हमें शर्म छोड़नी पड़ेगी। जब प्लास्टिक बैग का चलन नहीं था, तब भी हम थैले में सब्जी या सामान की शॉपिंग करने जाते थे। बाजार में सुंदर बैग मिल रहे हैं। घर में पुराने कपड़ों का झोला बनाने में भी हिचक नहीं होनी चाहिए। एक कपड़े या जूट का थैला काफी दिनों तक चलता है, गंदा होने पर इसे धोया भी जा सकता है। पर्यावरण, सीवर और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को रोकने का विकल्प थैला ही है।
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि कार्रवाई की शुरुआत निर्माण के साथ-साथ बड़े उपयोगकर्ताओं से होगी, लेकिन फेरीवाला, दुकानदार या कोई भी व्यक्ति खाद्य पदार्थ या अन्य सामग्री के लिए प्लास्टिक बैग देता है तो अनदेखा उसे भी नहीं किया जाएगा। मैगजीन या निमंत्रण पत्र की पैकिंग में भी प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी रोक है।
कानून में दी गई है इन्हें छूट