नई दिल्ली। शराब कारोबारी गुरदीप सिंह उर्फ पोंटी चड्ढा पंजाब पुलिस से मिले सुरक्षा गार्डों के बिना ही घटना वाले दिन फार्म हाउस पहुंच गए थे। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों से मिली शिकायत के बाद दो मामले दर्ज किए हैं। उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुखदेव सिंह की शिकायत पर महरौली थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 302, 307 और 25 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, हरदीप के मैनेजर नंदलाल की शिकायत पर फार्म हाउस पर कब्जा करने आदि के तहत करीब एक दर्जन धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोंटी ने पहले लोगों को फार्म हाउस पर कब्जा करने के लिए भेज दिया था। इसके बाद वे बहु की लैंड क्रूजर गाड़ी में खुद ही सेंट्रल ड्राइव फार्म हाउस नंबर-42 में पहुंच गए थे। उनके साथ उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुखदेव सिंह और उनका पीएसओ उत्तराखंड पुलिस का जवान सचिन त्यागी था। पोंटी के सुरक्षा गार्डों के ड्राइवर कमल ने बताया कि फार्म हाउस जाते समय पोंटी पंजाब पुलिस के सुरक्षा गार्डों को घर छोड़ गए थे। हरदीप के लोगों ने पोंटी द्वारा फार्म हाउस पर कब्जा करने की सूचना दी थी। उस समय हरदीप नोएडा में था। वह गुस्से में सीधा फार्म हाउस पहुंचा। यहां गेट के बाहर उसे पोंटी का मैनेजर नरेंद्र फार्म हाउस का गेट खोलते हुए मिला। हरदीप ने उसे कहा कि ‘क्यों नरेंद्र तू माना नहीं, मैंने तुझे कई बार मना किया था’। इतना कहते ही हरदीप ने नरेंद्र के पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही नरेंद्र फार्म हाउस के अंदर भाग गया। हरदीप ने लैंड क्रूजर के बोनट में एक गोली मार दी। इसके बाद हरदीप ने लैंड क्रूजर में पिछली साइड में बैठे पोंटी के साथ गाली गलौच करके गोलियां बरसा दीं। हरदीप ने पहले 7.65 एमएम की पिस्टल से गोलियां चलाईं। जब उसकी गोलियां खत्म हो गईं तो दूसरी पिस्टल से गोलियां बरसा दीं। जब हरदीप ने सुखदेव पर गोलियां चलाईं तो सचिन ने हरदीप पर 9 एमएम की कारबाइन से हमला कर दिया।
उधर, पुलिस को दर्ज करवाई गई शिकायत में सुखदेव ने कहा है कि हरदीप ने उन पर दो गोलियां चलाईं। बचने के लिए वे गाड़ी के नीचे बैठ गए। सचिन की सहायता से वे पोंटी को फोर्टिस ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उत्तराखंड पुलिस के जवान की गोली लगी हरदीप को
रुद्रपुर/हल्द्वानी। प्रॉपर्टी विवाद में शनिवार को हुई गोलीबारी में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की मौत के मामले में उत्तराखंड पुलिस के एक जवान के संलिप्त होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी उत्तराखंड के आदेश पर मामले में जांच के लिए एक टीम दिल्ली रवाना हो गई है। टीम का नेतृत्व एसओजी प्रभारी प्रमोद शाह कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, दोहरे हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस में 2005 बैच के पुलिस कर्मी सचिन त्यागी की संलिप्तता उजागर हुई है। सचिन त्यागी उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष की सुरक्षा में तैनात है। मौका-ए-वारदात पर सचिन की मौजूदगी और पोंटी को बचाने के लिए हरदीप पर गोली चलाने से मामले में नया मोड़ आ गया है। वारदात के समय पोंटी के साथ अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष भी मौजूद थे। इनके साथ दो अन्य लोग भी थे। चारों लोग लैंड क्रूजर कार (नंबर- 9000) में सवार थे। गोलीबारी की शुरुआत हरदीप की तरफ से हुई। पहली गोली पोंटी की कार के बोनट पर टकराई। इसके बाद पोंटी के साथियों व सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। दोनों पक्षों से चली ताबड़तोड़ फायरिंग में सचिन त्यागी की गोली हरदीप को लग गई।