नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के इलाकों में कुछ समय बाद आपको कूड़ा पड़ा दिखाई नहीं देगा। पूर्वी नगर निगम ने अपने तमाम इलाकों को कूड़ा मुक्त करने का बीड़ा उठाया है। उसने कूड़ा उठाने के विभिन्न प्रकार के नए वाहन खरीदने का फैसला किया है। यह फैसला वर्तमान सिस्टम से 500 मीट्रिक टन अधिक कूड़ा उठाने में कामयाबी मिलने के मद्देनजर लिया गया। पूर्वी दिल्ली के तमाम इलाकों में प्रतिदिन करीब ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़ा पैदा होता है। फिलहाल प्रतिदिन 1900-2000 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जा रहा है। एकीकृत नगर निगम के समय करीब 1400 मीट्रिक कूड़ा ही उठाया जाता था। फिलहाल नगर निगम के पास कूड़ा उठाने के लिए 70 ट्रक और 162 ऑटो टिपर्स है। वहीं एक दर्जन लोडर है, जिनकी हालत काफी खस्ता है। पूर्वी नगर निगम कूड़ा उठाने की क्षमता बढ़ने से गदगद है। इसके चलते उसने रोजाना पैदा होने वाले तमाम कूड़े को उठाने के लिए 30 नए ट्रक खरीदने के लिए राशि दे दी है। इसके अलावा 40 नए ट्रक खरीदने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसी तरह नगर निगम ने 70 नए ऑटो टिपर्स खरीदने की योजना को भी हरी झंडी दे दी है। इस तरह एक वार्ड को कूड़ा उठाने के लिए दो से अधिक ट्रक उपलब्ध होंगे, जबकि डोर-टू -डोर कूड़ा एकत्र करने के लिए चार-चार ऑटो टिपर्स होंगे। कूड़ा घरों से ट्रकों में कूड़ा भरने के लिए 15 नए लोडर भी खरीदे जा रहे हैं। पूर्वी नगर निगम ने संकरी गलियों से कचरा उठाने के लिए 320 साइकिल रिक्शा खरीदे जा रहे हैं। ये सभी वाहन अगले माह नगर निगम के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। नगर निगम कूड़ा ले जाने वाले ट्रकों, ऑटो टिपर्स और अन्य वाहनों पर निगरानी के लिए एक सिरे से दूसरे सिरे तक वास्तविक समय आधार पर जीपीएस इलेक्ट्रानिक प्रणाली लागू करेगी। इस प्रणाली से प्रत्येक ढलाव को साफ करने की तस्वीर ली जाएगी और उसे अपलोड भी किया जाएगा।