नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के दो अधिकारियों के खिलाफ दायर याचिका द्वारका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। एक शख्स ने हवालात में जबरन शराब पिलाकर मारपिटाई का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट की अदालत ने एसएचओ राजेश दहिया व एएसआई कृष्ण कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस मामले में पुलिस जांच की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने दक्षिण पश्चिम जिला अतिरिक्त पुलिस आयुक्त की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदीप के सभी आरोपों को इस रिपोर्ट में खारिज किया गया है। अदालत ने यह फैसला प्रदीप कुमार की पुनर्विचार याचिका पर सुनाया है। यायी ने निचली अदालत के एक सितंबर 2012 के आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में याचिका दायर की थी। निचली अदालत में दायर अपनी याचिका में प्रदीप ने आरोप लगाया था कि 18 व 19 जुलाई 2012 की रात वह और उसका भतीजा रवि कुमार रोहिणी में शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में एसएचओ राजेश ने उनकी कार को रोका और गाड़ी के कागज जांच के लिए मांगे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि जाफरपुर कलां थाने के एसएचओ राजेश ने गाड़ी के कागज लेकर जेब में रख लिए और लौटाने से मना कर दिया। एसएचओ राजेश और उसके मातहत कृष्ण कुमार ने उनसे 20 हजार रुपये भी छीन लिए। मामले का खुलासा करने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोप था कि पुलिस वालों ने जबरन उन्हें शराब पिलाई जिससे उन्हें नशे की हालत में दिखाया जा सके। प्रदीप व रवि को लॉकअप में बंद कर बुरी तरह पीटा गया।