नई दिल्ली। दिल्ली कैबिनेट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को दीवाली का तोहफा देने का फैसला किया है। कार्यकर्ताओं के मानदेय में एक हजार रुपये और सहायकों के मानदेय में पांच सौ रुपये की वृद्धि की गई है। इससे 22.3 हजार कार्यकर्ताओं और सहायकों को लाभ मिलेगा। दिल्ली सरकार मानदेय में वृद्धि के लिए चालू वित्त वर्ष के शेष महीनों में 6.20 करोड़ रुपये की राशि जारी करेगी। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बताया कि कैबिनेट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों का मानदेय तत्काल प्रभाव से बढ़ाने का निर्णय लिया है। संबंधित विभाग को निर्देश दिया है कि बढ़ा हुआ मानदेय दिवाली से पहले दे दिया जाए जो कि सरकार की तरफ से दीवाली का तोहफा होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक 4 हजार रुपये और सहायकों को 2 हजार रुपये मिलते हैं। इसमें केन्द्र सरकार का भाग कार्यकर्ताओं के लिए 2700 रुपये और सहायक के लिए 1350 रुपये है जबकि दिल्ली सरकार का योगदान 1300 और 650 रुपये है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपना योगदान 1300 रुपये से बढ़ाकर 2300 और 650 से बढ़ाकर 1150 रुपये करने का फैसला किया है। इस तरह अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 5 हजार रुपये और सहायकों को 2500 रुपये मासिक मिलेंगे। शीला दीक्षित ने कहा है कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की दिक्कतों से वाकिफ है। सरकार ने अन्य पहलुओं पर विचार करने का फैसला किया है ताकि उनकी सेवा की स्थिति बेहतर बनाई जा सके।
केरोसिन फ्री योजना में भरा सिलेंडर फ्री
दिल्ली कैबिनेट ने केरोसिन मुक्त दिल्ली योजना के लाभार्थियों को पहली बार भरा हुआ सिलेंडर मुफ्त दिए जाने का फैसला किया है। इसके अलावा इस योजना के 3.56 लाख लाभार्थियों को अपनी ओर से तीन और सिलेंडर सब्सिडी के निर्णय की भी पुष्टि की गई है। केरोसिन फ्री योजना को कैबिनेट ने 26 जून, 2012 को मंजूरी दी थी। एएवाई/बीपीएल और जेआरसी मिट्टी का तेल इस्तेमाल करने वाले राशन कार्डधारकों को एलपीजी सिलेंडर, दो बर्नर गैस स्टोव, सुरक्षा रबड़ पाइप और पुस्तिकाएं मुफ्त दी जा रही हैं। अब पहली बार भरा हुआ सिलेंडर मुफ्त दिये जाने पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है। इसके लिए सरकार को 14.25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करनी होगी क्योंकि एक सिलेंडर करीब 411 रुपये का है।
राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को औपचारिक बनाने का फैसला
दिल्ली कैबिनेट ने बुनियादी ढांचा की परियोजनाओं के लिए राजमार्ग मंत्रालय के मौजूदा दिशा-निर्देशों को औपचारिक बनाने का फैसला किया है। ये दिशा-निर्देश फ्लाईओवर, ग्रेड स्परेटर, अंडरपास जैसी योजनाओं पर लागू होंगे जबकि बाकी परियोजनाओं पर डीएसआर लागू होगा।