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शमीना कहीं जासूस तो नहीं, जांच शुरू

Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
New Delhi
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सहारनपुर। नाम : शमीना अख्तर उर्फ गौरी भोंसले
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आयु : करीब 19 वर्ष, शिक्षा : कक्षा दस।
क्वालिटी : जूडो कराटे एक्सपर्ट और पांच भाषाओं हिंदी, बांग्ला, तमिल, अंग्रेजी, मलयालम का ज्ञान।
शातिर : 24 घंटे तीन आईपीएस और 12 पीपीएस अधिकारियों को गच्चा दिया।
खास : दो बीएसएफ जवानों से लिंक की बात सामने आई।
यह प्रोफाइल है खुद को गौरी घोंसले बताने वाली उस 19 वर्षीय युवती की, जिसकी मंगलवार को चर्चा सहारनपुर जिले से लेकर लखनऊ और दिल्ली में भारतीय एवं ब्रिटिश दूतावास तक होती रही। देवबंद के गांव तल्हेड़ी बुजुर्ग से बरामद इस युवती ने 24 घंटे तक आईपीएस और पीपीएस स्तर के आला अधिकारियों की चक्करघिन्नी बनाई। बुधवार को युवती से महिला थाने में इंटेलीजेंस, एलआईयू, एसओजी के साथ आला पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की तो नई कहानी सामने आई और वह काफी चौंकाने वाली है। शमीना अख्तर के पिता का नाम मुजफ्फर हुसैन है और वह मालदा, पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। कक्षा दस पढ़ी है। युवती मालदा से अपने प्रेमी इरफान अली के साथ शिमला पहुंची। इरफान बीएसएफ का जवान बताया गया है। वहां पता चला कि इरफान शादीशुदा है और उसके दो बच्चें हैं।
इस पर युवती ने इरफान के दोस्त दिल्ली निवासी अंकुर (बीएसएफ जवान) से संपर्क साधा और उसके कहने पर दिल्ली पहुंची। दिल्ली से फिर शिमला इरफान के पास जाने के लिए रवाना हुई तो किसी ट्रैक्सी ड्राइवर मुकेश त्यागी के हत्थे चढ़ गई। उसने उसे पुरानी दिल्ली की किसी सुनीता को बेच दिया। वहां उसे देहरादून में बेची गया। पुलिस के मुताबिक तल्हेड़ी बुजुर्ग के राजू ने शमीना को देहरादून से खरीदा।
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कल तक उसे एनआरआई बताने वाली सहारनपुर पुलिस ने तह तक जाने के लिए अब मालदा जिले के कालियाचक थाना पुलिस से संपर्क साधा। वहां से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। पुलिस की परेशानी बढ़ाने वाले कई सवाल उठ रहे हैं। पहला कि वेस्ट बंगाल से शिमला, नई दिल्ली से सहारनपुर तक युवती कैसे पहुंची। दूसरा पांच भाषाएं और जूडो-कराटे एक्सपर्ट और मालदा बार्डर इलाके की निवासी। साथ ही उसके बीएसएफ के जवानों इरफान, अंकुर से लिंक। इस सभी ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिये हैं। ऐसे में कहीं वह जासूस तो नहीं है, इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
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सहारनपुर में रहकर सैन्य और सुरक्षा जानकारी एकत्र करने वाले पाक जासूस शाहिद इकबाल भट्टी के मामले को स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग भूला नहीं है।

प्रेमी ने दिया था नाटक का आइडिया
सहारनपुर। तलहेड़ी बुजुर्ग पहुंची युवती को एनआरआई बनने का आइडिया उसके प्रेमी ने दिया था। तलहेड़ी के राजू से शादी होने के बाद वह घर में बंधक थी। 24 अक्तूबर को उसके हाथ मोबाइल लगा तो उसने सीधे प्रेमी को पूरी दास्तां सुनाई। युवती के प्रेमी ने उसे एनआरआई गौरी घोंसले बनने का आइडिया दिया। पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि मालदा से शिमला और वहां से दिल्ली पहुंचने के बाद युवती मानव तस्करों के हाथ लग गई। वहां से बेहोशी के हालत में उसे कई हाथों मेें बेचकर देहरादून पहुंचाया गया। वहां से राजू को बेचकर शादी करा दी गई थी। हालांकि पूरी घटना को 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में लापरवाह रवैया अपनाए हुए है। अब तक युवती के बताए गए मालदा स्थित पते पर किसी तरह का संपर्क नहीं हो पाया है।
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