नई दिल्ली। जनकपुरी पुलिस ने ठगी के आरोप में पकड़े गए श्रीलंकाई नागरिक दीशा नायके का सत्यापन न कराने पर मकान मालकिन कुसुम सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया। दीशा नायके 22 सितंबर से पत्नी दीपा पुष्प कुमारी और दो बच्चों-बाउजा और एलीना नायके के साथ किराए पर रह रहा था, लेकिन कुसुम ने उनका वेरिफिकेशन नहीं कराया था। हालांकि बाद में कुसुम को जमानत मिल गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी की पत्नी और दोनों बच्चों की डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें लामपुर स्थित डिपोर्ट केंद्र भेज दिया है। गौरतलब है कि पहाड़गंज पुलिस ने 9 अक्तूबर को श्रीलंका के नागरिक दीशा नायके को गिरफ्तार किया था। किरण नाम की महिला ने उस पर मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया था। दीशा नायके मलेशिया में अपने भाई की जूस कंपनी में नौकरी का झांसा देकर लोगों से एक से दो लाख रुपये ऐंठ लेता था। जांच के दौरान पता चला कि दीशा नायके ने वर्ष 2010 में अपनी पत्नी और बच्चों को भी टूरिस्ट वीजा पर भारत बुला लिया था। इसके बाद से वे फर्जी पहचान पर रह रहे थे। असालतपुरी इलाके में रहने वाली कुसुम ने बताया कि दीशा नायके ने खुद को चेन्नई का निवासी बताया था। जब कुसुम ने पहचान पत्र देने के लिए कहा तो उसने पासपोर्ट बनने की बात कहकर कार्यालय में पहचान पत्र होने की बात कही थी।