नई दिल्ली। तिहाड़ जेल के हाईरिस्क वार्ड में बंद तीन दर्जन से अधिक कैदियों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए एक दिन की भूख हड़ताल की। हालांकि तिहाड़ प्रशासन ने जेल में किसी भी तरह की हड़ताल से इंकार किया है। सूत्रों की मानें तो जेल नंबर एक स्थित हाईरिस्क वार्ड में 47 हाई-प्रोफाइल कैदी बंद है। इनमें से 42 कैदियों ने जेल में भूख हड़ताल की। हड़ताली कैदियों ने आरोप लगाया कि रसूखदार कैदियों को जेल में घूमने-फिरने और खाने-पीने की आजादी है, लेकिन उन्हें सेल में ही रहना पड़ता है। यहां तक कि ठीक से उन्हें भोजन भी नहीं दिया जाता। सेल में इस समय कई आतंकियों के साथ गैंगस्टर और बम धमाकों के आरोपी कैदियों को रखा गया है। जेल के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां कई ऐसे कैदी, जिनका काफी रसूख है। इसलिए भेदभाव की बात से इंकार नहीं किया जा सकता और संभव है कि कैदियों ने हड़ताल की हो। उधर, तिहाड़ के प्रवक्ता सुनील गुप्ता का कहना है कि हाईरिस्क वार्ड के किसी भी कैदी ने भूख हड़ताल नहीं की। सभी कैदी पूरी तरह से अनुशासित हैं।