नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आईजीआई एयरपोर्ट पर मानव तस्करी रैकेट में आव्रजन अधिकारियों व एयरलाइंस अधिकारियों के साथ मिलीभगत के आरोपी दिल्ली पुलिस के उपनिरीक्षक को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने आरोपी उपनिरीक्षक नवीन उपाध्याय को निचली अदालत द्वारा 21 मई को दी गई अग्रिम जमानत को गलत ठहराया है। अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी था और एसीएमएम ने उसकी अग्रिम जमानत खारिज कर उसे समर्पण करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट ने चार मई को मामले को गंभीर बताते हुए उसे अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया था, मगर 21 मई को जमानत स्वीकार कर ली। अदालत ने कहा 4 से 21 मई के बीच परिस्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था ऐसे में अग्रिम जमानत प्रदान करने का कोई औचित्य नहीं था।
दिल्ली पुलिस के वकील पवन शर्मा ने अदालत को बताया कि अभियुक्त पर गंभीर आरोप हैं और उससे पूछताछ जरूरी है। उसने समर्पण करने के आदेश का भी पालन नहीं किया।
उन्होंने कहा आईजीआई एयरपोर्ट पर इस रैकेट का खुलासा होने के बाद से ही वह फरार है। वह गुजरात से चलने वाले इस रैकेट में एजेंट के बीच की कड़ी के रूप में काम कर रहा था। उन्होंने कहा आव्रजन व एयरलाइंस अधिकारी 30 लाख रुपये तक लेकर यात्रियों को देश से बाहर जाने में मदद करते थे।