राजधानी में भी केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेवाई) लागू होगी। एनडीएमसी ने यह योजना अपने इलाके के लिए लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बुधवार को एनडीएमसी की हुई बैठक में इस योजना के कार्यान्वयन को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है।
केंद्र सरकार ने फरवरी 2018 में आयुष्मान भारत-प्रधान मंत्री जनआरोग्य योजना शुरू की थी, लेकिन यह योजना राजधानी में लागू नहीं हुई है। इस योजना का मकसद माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती होने पर हर परिवार पांच लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करना है।
एनडीएमसी उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने संवाददाता सम्मेलन में बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में सात स्टार रैंकिंगहासिल करने का उद्देश्य पर जोर दिया गया।
इसके तहत पार्किंग क्षेत्र, फुटपाथ,पार्कऔर सार्वजनिक प्लाजा का नियमित रखरखाव, सफाईऔर स्वच्छता क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। इसके लिए 28 करोड़ रुपये से अधिक राशि का प्रावधान किया। इस कड़ी में हनुमान मंदिर और कनॉट प्लेस क्षेत्र के लिए यांत्रिक सफाई को मंजूरी दी।
नई दिल्ली इलाके में सुंदरता बढ़ाई जाएगी
एनडीएमसी ने शंकरमार्केट (न्यू सेंट्रल मार्केट) में दुकानों के परिसर के भीतर 100 प्रतिशत लकड़ी के मचान का नियमितीकरण करने का भी निर्णय लिया। इसके अलावा यहां दुकानों/स्टॉलोंमें मचान क्षेत्र के उल्लंघन के मामले में कोई क्षति शुल्क नहीं लगाया जाएगा। वहीं मच्छर जनित बीमारियों के प्रजनन रोकथाम और नियंत्रणगतिविधियों के खिलाफ दंड शुल्क में वृद्धि और इसमें समय-समय पर बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी।
नई दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए एनडीएमसी के इलाके की सुंदरता बढ़ाने के लिए परियोजनाओं को गतिदेने का निर्णय लिया गया। इस कड़ी में राष्ट्रमंडलखेल परियोजनाओं की तरह रखरखाव, मरम्मत, सौंदर्यीकरण करने पर जोर दिया। कनॉटप्लेस, तीन मूर्ति, 11 मूर्तिक्षेत्रों को और अधिक सुंदर बनाया जाएगा।
मंदिर के पास से मीट की दुकानें हटाने के निर्देश दिए
नई दिल्ली स्थित श्री वेंकटेश्वरस्वामी-तिरुपति बालाजी मंदिर की दीवार केसाथ मीट की दुकानों को हटाने के निर्देश दिए। इस संबंध में जल्द कार्रवाई के लिए विभागाध्यक्षों को आदेश दिए गए। इन दुकानों का सर्वेक्षण करके दूसरी जगह स्थानांतरित करना का फरमान दिया।