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नियंत्रण जरूरी: एप से कम हो सकती है मेट्रो स्टेशनों के बाहर की भीड़, दूसरे देशों में स्मार्ट कार्ड का हो रहा है इस्तेमाल

Wed, 07 Jul 2021 02:00 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के अतिथि शिक्षक प्रो. पीके सरकार का कहना है कि भीड़ पर नियंत्रण जरूरी है। कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए पाबंदियों का मेट्रो में सख्ती से पालन किया जा रहा है। स्टेशनों के बाहर यात्रियों की लगने वाली भीड़ से संक्रमण के प्रसार का खतरा बरकरार है। ऐसे में एप के जरिये अगर टिकटों के स्लॉट बुक किए जाएं तो समस्या दूर हो सकती है। 
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मेट्रो स्टेशन पर जाने के लिए यात्रियों की लाइन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेट्रो स्टेशनों के बाहर लगने वाली लंबी कतार एप के जरिये छोटी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को मेट्रो में सफर करने के लिए आधे घंटे का टाईम स्लॉट दिए जा सकते हैं। अलग अलग स्टेशनों पर मेट्रो और यात्रियों की तरफ से टिकट बुकिंग के लिए आग्रह और सीट उपलब्धता के आधार पर एप की सुविधा दी जा सकती है। इससे भीड़ के कारण होने वाली परेशानी कम होगी और मेट्रो में सफर सुलभ होगा। यात्रियों को मेट्रो के लिए स्टेशन के बाहर इंतजार भी नहीं करना होगा। सियोल, लंदन सहित दुनिया के कई शहरों में पहले से ही नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की तर्ज पर स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। महामारी काल में पैदा हुए हालात से निपटने में एप कारगर साबित हो सकता है।

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स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के अतिथि शिक्षक प्रो. पीके सरकार का कहना है कि भीड़ पर नियंत्रण जरूरी है। कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए पाबंदियों का मेट्रो में सख्ती से पालन किया जा रहा है। स्टेशनों के बाहर यात्रियों की लगने वाली भीड़ से संक्रमण के प्रसार का खतरा बरकरार है। ऐसे में एप के जरिये अगर टिकटों के स्लॉट बुक किए जाएं तो समस्या दूर हो सकती है। 

प्रो. सरकार का कहना है कि एप से अलग अलग लाइन पर मेट्रो और सीट की उपलब्धता के मुताबिक स्लॉट बुक करने की सुविधा दी जा सकती है। एप से बुकिंग करने पर यात्री को मेट्रो स्टेशनों पर सीट की उपलब्धता के मुताबिक विशेष कोड (ओटीपी) का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोड को देखकर यात्रियों को प्रवेश दिए जाने से स्टेशन के बाहर की लाइन छोटी होगी। इस कोड की वैधता आधे घंटे की होनी चाहिए ताकि अगर यात्रियों को थोड़ी देर भी होती है तो इसका इस्तेमाल किया जा सके। दूसरे देशों में स्मार्ट कार्ड का इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि किसी भी मेट्रो या बस में आसानी से सफर किया जा सके। दिल्ली मेट्रो में भी एनसीएमसी की सुविधा शुरू होने पर यात्रियों की मुश्किलें काफी कम हो जाएंगी। मोबाइल के जरिये भी कोड का इस्तेमाल कर सफर का यात्रियों को मौका मिल सकेगा। लंदन में ओएस्टर कार्ड के जरिये यात्रियों को मेट्रो या सफर करने के लिए टिकट लेने की जरूरत नहीं होती है।
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अगले साल से कर सकेंगे एनसीएमसी कार्ड का इस्तेमाल
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) लागू करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए फेयर कलेक्शन के लिए गेट पर अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मौजूदा लाइनों के एएफसी गेट में बदलाव किए जाएंगे। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को अपग्रेड किया जाएगा। अगले साल मेट्रो में एनसीएमसी कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके बाद मेट्रो कार्ड, क्रेडिट, डेबिट कार्ड और मोबाइल का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। डीएमआरसी ने कश्मीरी गेट में नई पार्किंग की शुरुआत की, जिसमें फास्टैग-यूपीआई से पार्किंग फीस की अदायगी की जा सकती है। मेट्रो, बसों के अलावा पार्किंग, मॉल्स में भी कई सुविधाओं के लिए एनसीएमसी कार्ड का इस्तेमाल संभव होगा। 

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