नारायणा हेल्थकेयर के अध्यक्ष डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने कहा कि अस्पताल की टीम को पहले से ही जनरेटर की स्थापना के लिए जगह मिल गई थी। ऑक्सीजन जनरेटर को रविवार शाम 8:30 बजे तक स्थापित कर लिया गया था और शाम 9:30 बजे ट्रायल रन शुरू किया गया था।
दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की जान जा रही है। इतने दिनों बाद भी ऑक्सीजन का संकट दूर नहीं हुआ है। अन्य अस्पतालों की तरह पूर्वी दिल्ली के नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल भी ऑक्सीजन के संकट से जूझ रहा था।
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लेकिन पिछले हफ्ते अचानक उन्हें फ्रांसीसी दूतावास से एक ऑक्सीजन जनरेटर डोनेट करने का प्रस्ताव मिला। मेल में कहा गया कि वे नारायणा हेल्थकेयर बैंगलोर को ऑक्सीजन जनरेटर भेजना चाहते हैं। लेकिन अस्पताल ने यह अनुरोध करते हुए लिखा कि जेनरेटर को दिल्ली के लिए भेजा जाए, क्योंकि यहां ऑक्सीजन का संकट ज्यादा है, इसकी वजह से लोगों की जानें जा रही हैं।
आमतौर पर अप्रूवल और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया में महीनों लग जाते थे, लेकिन कोरोना की गंभीरता को देखते हुए फ्रांसीसी सरकार ने संकट का सामना करने के लिए एक दिन के भीतर ऑक्सीजन जनरेटर भेज दिया। यह रविवार की सुबह लगभग 6:30 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंच गया था। इसको सौंपने में तीन घंटे लग गए।
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नारायणा हेल्थकेयर के अध्यक्ष डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने कहा कि अस्पताल की टीम को पहले से ही जनरेटर की स्थापना के लिए जगह मिल गई थी। ऑक्सीजन जनरेटर को रविवार शाम 8:30 बजे तक स्थापित कर लिया गया था और शाम 9:30 बजे ट्रायल रन शुरू किया गया था।
नारायण हेल्थ के क्षेत्रीय निदेशक कमांडर नवनीत बाली ने कहा कि तीन घंटे में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र पूरी तरह से चालू हो गया और अस्पताल में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी सरकार द्वारा दान किया गया जनरेटर 24 घंटों में 40 से 60 लीटर तक के 48 सिलिंडरों को भर सकता है। बाली ने कहा कि अब हम और ऑक्सीजन बेड जोड़ने के बारे में सोच सकते हैं।