कमल के कहने पर शकुंतला 21 मार्च 2011 को पति के पास दिल्ली आ गई। उसी दिन उसने अपनी बहन के घर जाने की जिद की। शकुंतला रवि को लेकर कमल व उसके चालक गणेश के साथ सेेंट्रो कार से निकले। शकुंतला को उसकी बहन के घर छोड़ने के बाद कमल व गणेश ने कार में ही रवि की हत्या की और शव टापुकड़ा गांव ले गए। वहां कमल ने अपने प्लाट में छह फुट गड्ढा खोदकर उसमें शव दबा दिया।
70 किलोमीटर तक फेंकते चले गए शव के अवशेष
रवि के गायब होने के बाद उसके पिता ने शकुंतला, उसके भाई व कमल पर रवि को गायब करने का शक जताया। लोकल पुलिस मामले की छानबीन करती रही। अक्तूबर 2011 में मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई तो आरोपी डर गए और उन्होंने गांव जाकर रवि के शव को निकालने का प्रयास किया। शव लगभग सड़ चुका था तो आरोपियों ने कुछ अवशेषों को निकाल लिया और 70 किलोमीटर अलवर से रेवाड़ी के रास्ते में फेंकते चले गए। पुलिस 70 किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले पुलिस स्टेशनों से संपर्क कर उस समय शव की हड्डियां मिली या नहीं इसका पता लगाने का प्रयास करेगी। पुलिस ने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से खुदाई करवाकर हड्डियां बरामद की।
पुलिस कराएगी हड्डियों का डीएनए टेस्ट
रवि कुमार के केस को उसके अंत तक पहुंचाने के लिए अपराध शाखा टापुकड़ा गांव के प्लाट से मिली हड्डियों की डीएनए टेस्ट की तैयारी कर रही है। पुलिस उसके पिता से इनका डीएनए मिलान कराएगी। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि वारदात में शकुंतला का पूरा हाथ रहा और उसने कमल के कहने पर पति को बहाने से बाहर बुलाया, जिसके बाद कमल ने गणेश को 70 हजार रुपये देकर साथ मिलाया और रवि की हत्या कर दी। शकुंतला रवि की हत्या के बाद लगाकर कमल के साथ रह रही थी। कमल से उसको एक बच्चा है और फिलहाल वह गर्भवती भी है। पुलिस शकुंतला की तलाश कर रही है।