मुंडका अग्निकांड मामले में दस शवों की पहचान कर ली गई है। डीएनए प्रोफाइल से इनके परिवार के सैंपल का मिलान हो गया है। एक महिला की पहचान हो गई थी लेकिन डीएनए प्रोफाइल का उसके बेटे के सैंपल से मिलान नहीं हो पाया है।
पुलिस ने महिला के परिवार के अन्य सदस्यों का सैंपल लेकर फिर से फोरेंसिक लैब भेजा है। घटना के बाद पहचान होने पर पुलिस ने पहले आठ शवों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया था जबकि मंगलवार को तीन शवों की पहचान हो गई है। अब बुधवार को इनके परिवार वालों को उनके शरीर का अवशेष सौंप दिया जाएगा।
जिला पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि अभी तक 10 शवों की पहचान कर ली गई है। जिन शवों की पहचान हुई है इनमें तान्या चौहान, मोहिनी, कैलाश ज्यानी, अमित ज्यानी, यशोदा, विशाल, दृष्टि, मधु देवी, नरेंदर व मुस्कान शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि तान्या, मोहिनी, कैलाश ज्यानी, अमित ज्यानी, यशोदा, विशाल व दृष्टि का शव उनके परिवार के पहचाने के बाद सौंप दिया गया था।
अब मधु देवी, नरेंदर व मुस्कान के शव की पहचान होने के बाद इसकी जानकारी उनके परिवार वालों को दे दी गई है। बुधवार को संजय गांधी अस्पताल में इनके शवों को उनके परिवार के हवाले कर दिया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद परिवार वालों ने रंजू देवी के शव की पहचान की थी। उसके बाद शव को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया था। लेकिन रंजू देवी के बेटे का डीएनए प्रोफाइल मैच नहीं कर पाया है। ऐसे में अब रंजू देवी के माता-पिता का सैंपल लिया गया है। साथ ही मुंडका मामले में आरोपी कंपनी संचालक हरीश व वरुण के पिता अमरनाथ भी लापता हैं।
हरीश व वरुण का सैंपल लिया गया था, लेकिन अभी इनका डीएनए प्रोफाइल घटनास्थल से मिले नमूनों के डीएनए प्रोफाइल से मिलान नहीं हो पाया है। ऐसे में दोनों का फिर से सैंपल लिया जाएगा। फोरेंसिक लैब विशेषज्ञ ने बताया कि मंगलवार को पुलिस को 30 नूमने के डीएनए प्रोफाइल का मिलान कर सौंप दिया गया है। बाकी बचे नमूने के डीएनए प्रोफाइल बनते ही पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि घटना में शव काफी जल गए थे। ऐसे में डीएनए प्रोफाइल बनाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। 13 मई को मुंडका स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई थी। इस घटना में 27 लोगों की मौत होने के साथ ही 27 लोग घायल हो गए थे।