राजधानी दिल्ली में गढ़ी पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली। इसमें बताया गया कि खड़क गांव की यूपी कॉलोनी में एक महिला की उसके बेटे ने हत्या कर दी है। पुलिस टीम के साथ एएसआई अशोक मेहता मौके पर पहुंचे और चिंता देवी (60 साल) को बेहोश पाया। उनकी बाईं भौंह के ऊपर चोट लगी थी।
राजधानी दिल्ली में गढ़ी पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली। इसमें बताया गया कि खड़क गांव की यूपी कॉलोनी में एक महिला की उसके बेटे ने हत्या कर दी है। पुलिस टीम के साथ एएसआई अशोक मेहता मौके पर पहुंचे और चिंता देवी (60 साल) को बेहोश पाया। उनकी बाईं भौंह के ऊपर चोट लगी थी।
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क्राइम टीम और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की। उन्होंने तस्वीरें और वीडियो लिए, साथ ही खून से सने सबूत भी जब्त किए। इन सबूतों में लकड़ी के हैंडल वाला एक फावड़ा भी शामिल था। घायल महिला को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया।
मृतका के बेटे मोहन ने पूछताछ में बताया कि उसके छोटे भाई अमोद को शराब की लत थी। अमोद ने 28 जुलाई को मां से शराब के लिए पैसे मांगे थे। मां द्वारा मना करने पर, बहस के दौरान उसने उन्हें धक्का दे दिया। इससे चिंता देवी फावड़े के लकड़ी के हैंडल पर गिर गईं और उन्हें चोटें आईं। मां की मौत का पता चलने के बाद अमोद घर से भाग गया। इसके बाद मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज किया गया।
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पुलिस आयुक्त सोमनाथ परुथी की देखरेख में एक खास टीम बनाई गई। इंस्पेक्टर राजेश कुमार वर्मा और इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने इस टीम का नेतृत्व किया। टीम ने आरोपी की लगातार तलाश शुरू की। तकनीकी निगरानी, 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी का उपयोग किया गया। इन प्रयासों के जरिये घटना के 12 घंटे के भीतर आरोपी अमोद का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।