मोनू मानेसर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दोपहर बाद नूंह कोर्ट में पेश किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजने का आदेश दिया। मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की खबर कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर फैल गई। मोनू मानेसर की गिरफ्तारी और उसे राजस्थान पुलिस को सौंपने की बात सामने आने के बाद से लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। गिरफ्तारी के आधे घंटे में ही मोनू मानेसर की गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी।
कुछ लोगों ने जमकर हरियाणा सरकार पर तीखी टिप्पणी की। इसके साथ ही कुछ लोगों ने मोनू मानेसर की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। लोगों ने राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जुनैद-नासिक हत्याकांड के मामले में माेनू को फांसी की सजा दिलाने तक की बात कही है।
एक तरफ लोगों ने भाजपा सरकार पर मोनू मानेसर की हरियाणा पुलिस की गिरफ्तारी को लेकर एक ही पक्ष पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा है कि उनकी पुलिस द्वारा विधायक मामन खान को कब गिरफ्तार किया जाएगा। कुछ लोगों ने तो मोनू मानेसर की गिरफ्तारी पर आने वाले चुनावों में असर देखने तक की धमकी दे डाली है। नरगिस बानो ने एक्स (ट्विटर) पर गिरफ्तारी का समर्थन करते हुए लिखा कि जी-20 में सऊदी अरब के साथ अच्छे संबंध होने पर मोनू की गिरफ्तारी की गई है।
चंदन शर्मा ने अपने ट्वीट के माध्यम से भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मोनू मानेसर को गिरफ्तार कर भाजपा वर्ग विशेष की वोट ले लेगी तो वह मूर्खता साबित होगी। इसके साथ ही राजस्थान पुलिस को मोनू को सौंपने पर जल्द सरकार गिरने की बात भी कही। अली शोरब ने मोनू को आतंकी कहते हुए लिखा कि उसे फांसी की सजा दिलाने की जिम्मेदारी राजस्थान की सरकार की है।