एक महिला ने अपने वैवाहिक विवाद और बच्चे के संरक्षण के मामले की सुनवाई को समायोजित करने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। महिला ने याचिका में कहा कि जिस मोबाइल फोन के जरिये वह सुनवाई में शामिल होगी, उसी वक्त उसके बच्चे की ऑनलाइन क्लास का भी समय है। लिहाजा सुनवाई के समय में उचित परिवर्तन किया जाए। पीठ ने निचली अदालत को इस संबंध में निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की एकल पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि वीडियो कान्फ्रेंस के इस्तेमाल में आने वाला मोबाइल फोन याचिकाकर्ता के बच्चे की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी आवश्यक है। याचिका में महिला ने कहा कि उनके वैवाहिक विवाद की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई पर उसे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सुनवाई का समय लंच के बाद का तय जाए ताकि उनके बच्चे की पढ़ाई का नुकसान न हो।
महिला ने पीठ को बताया कि उसका कोई वकील नहीं है और वह वकील का खर्च भी वहन करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए अदालत ने पति के साथ चल रहे वैवाहिक विवाद और बेटे के संरक्षण को लेकर मुकदमे की सुनवाई ऑनलाइन करने के लिए कहा है। इस पर पीठ ने महिला से कहा कि अदालत सुनवाई के समय को समायोजित करने का पूरा प्रयास करेगी।
पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए निचली अदालत से कहा कि महिला के मामले की सुनवाई के समय में बदलाव की कोशिश की जाए, ताकि महिला के बच्चे की पढ़ाई पर इसका असर न पड़े।