दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने वन विभाग की ओर से वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के उल्लंघन के नोटिस के बाद फेज-4 के तहत केशोपुर -पीरागढ़ी सेक्शन पर चल रहे निर्माण को तत्काल रोक दिया है।
डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल के मुताबिक इस कॉरिडोर पर फिलहाल काम बंद कर दिया है और मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा।
उधर, पश्चिमी मंडल के उप वन संरक्षक का कहना है कि विकासपुरी और पीरागढ़ी चौराहे के बीच सड़क संख्या 26 के 5.34 किलोमीटर के दायरे में कार्य शुरू करने के लिए डीएमआरसी को अनुमति नहीं दी गई थी। इस पर नजफगढ़ ड्रेन का करीब 1,300 मीटर वन क्षेत्र हैं और इसके लिए फरवरी और अगस्त में कई नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
इसमें डीएमआरसी से कहा गया है कि सड़क संख्या 26 और नजफगढ़ ड्रेन के हिस्से पर कोई निर्माण न करे, लेकिन डीएमआरसी ने इसकी अनदेखी करते हुए इस पर काम बंद करने से इंकार कर दिया। प्राथमिक तौर पर यह वन संरक्षण अधिनियम, 1980 का उल्लंघन का मामला है।
डीएमआरसी का दावा, पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी
डीएमआरसी ने दावा किया कि उसने अप्रैल, 2018 में कृष्णा पार्क और मुकरबा चौक के बीच के पेड़ काटने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। आवेदन सितंबर, 2019 में फिर भेजा गया था। इस दौरान मेट्रो अलाइनमेंट के सिलसिले में वन विभाग के अधिकारियों के सात दौरे भी हुए, लेकिन अभी भी मंजूरी नहीं मिल सकी है।
मेट्रो परियोजनाओं को समय पर पूरा करना पेशागत मजबूरी है और आम जनता की बेहतरी के लिए किए जाने वाले विकास कार्यों के पूरा होने में देरी से लागत के साथ साथ परेशानियां भी बढ़ जाती हैं।