नई दिल्ली। विवेक विहार स्थित झिलमिल निवासी मर्चेंट नेवी कैडेट धनंजय अरोड़ा (20) संदिग्ध हालात में मॉरिशस के पास पानी के जहाज से लापता हो गए। 13 सितंबर को धनंजय ने आखिरी बार अपनी मां और बहन से बातचीत की थी। परिजनों के मुताबिक फोन पर हुई बातचीत में वह कुछ डरे हुए लग रहे थे। इस बीच रात को उन्होंने जहाज के ही एक अधिकारी की फोटो भेजकर संभालकर रखने के लिए लिखा था। पांच दिनों से बेटे से संपर्क न होने पर परिवार ने उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई है। साथ ही ट्वीट और ई-मेल कर प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय से मदद मांगी है।
परिजनों ने फेसबुक और व्हाट्स एप पर उसकी फोटो शेयर कर उसे ढूंढने की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार धनंजय के परिवार में पिता वीरेंद्र अरोड़ा, मां और बहन हैं। पिता वीरेंद्र का दिल्ली में अपना कारोबार है। वीरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि उनके बेटे का एलिगंट मरीन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 9 माह का करार हुआ था। 22 नवंबर 2019 को बेटा जहाज पर कच्चा तेल लेकर चीन के लिए निकला था। इसी अगस्त में उसका करार समाप्त हो रहा था। कोरोना की वजह से धनंजय का करार दो माह के लिए बढ़ गया था।
13 सितंबर को 4:30 बजे धनंजय ने अपनी मां और बहन से फोन पर बात की थी। बातचीत में धनंजय परेशान लग रहा था। पूछने पर उसने रात को कॉल करने के लिए कहा। इस बीच रात के समय धनंजय ने कुछ फोटो भेजकर संभालकर रखने और जहाज के एक अधिकारी के प्रताड़ित करने की बात भी लिखी थी। आरोप है कि फोटो भेजने के कुछ ही देर बाद धनंजय जहाज से लापता हो गया। उसके साथी खाना खाने के लिए उसे बुलाने गए तो वह जहाज पर नहीं मिला। जिस समय धनंजय लापता हुआ उसका जहाज मॉरीशस के पास था। परिजनों ने फोटो वाले अधिकारी पर ही बेटे को गायब करने का आरोप लगाया है। परिवार ने जहाज की कंपनी से बातचीत की कोशिश की तो उन्हें वहां से मदद नहीं मिली।