नई दिल्ली। राजधानी के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 में रहने वाले चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) के डेबिट कार्ड क्लोन कर करीब पांच लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। ग्रेटर कैलाश-1 थाना पुलिस ने कई महीने की तफ्तीश के बाद निजी कंपनी के निदेशक महावीर नगर निवासी आर्यन चोपड़ा (35) और गाजियाबाद निवासी शशांक (25) को गिरफ्तार किया है। ठगी का मास्टरमाइंड संजय फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि सीए का कार्ड कहां क्लोन किया गया था।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि ग्रेटर कैलाश एंक्लेव निवासी सुनील रावले पेशे से सीए हैं। ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष रितेश शर्मा को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि उनके एसबीआई डेबिट कार्ड से 18 अप्रैल से 27 अप्रैल तक 5,04,947 निकाल लिए गए। 9 मई को स्टेटमेंट आने पर उन्हें इसका पता चला। मामला दर्जकर इंस्पेक्टर रितेश कुमार की देखरेख में एसआई लक्ष्मण चौधरी व एएसआई अत्तर सिंह की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने कार्ड की डिटेल निकलवाई तो पता लगा कि स्नेहल ट्रेवल्स इंडिया मार्ट लिमिटेड कंपनी के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
मंगलवार को एसआई लक्ष्मण चौधरी की टीम ने महावीर नगर में दबिश देकर कंपनी के निदेशक आर्यन चोपड़ा को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद गाजियाबाद निवासी शशांक को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं। आरोपियों ने बताया कि उनके साथी संजय ने जालसाजी की थी। उसने पैसे कंपनी के खाते में इजी बज पेमेंट गेटवे से डाले थे। आर्यन ने अपना हिस्सा लेकर बाकी पैसे शशांक को दे दिए थे। दोनों आरोपियों के कब्जे से टैब, वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल व काफी मात्रा में एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।