एमसीडी ने वार्ड समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्थायी समिति सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया अगले आदेश तक रद्द कर दी है। पहले 23 मई और फिर 3 जून की तारीख तय हुई थी, लेकिन अब बिना नई तारीख घोषित किए चुनाव पर रोक लगा दी गई है।
एमसीडी में वार्ड समितियों के चुनाव को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। निगम ने बुधवार को जारी आदेश में वार्ड समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव की पूरी प्रक्रिया अगले आदेश तक रद्द कर दी। इससे पहले चुनाव की तारीख दो बार तय की गई थी, लेकिन अब बिना नई तिथि घोषित किए पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
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सचिवालय की ओर से जारी ताजा सूचना के अनुसार, 14 मई की अधिसूचना के तहत वार्ड समितियों की बैठक और चुनाव प्रक्रिया तीन जून को प्रस्तावित थी। इससे पहले पहली अधिसूचना में चुनाव 23 मई को कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अधिसूचना जारी होने के चार दिन बाद ही तारीख बदलकर तीन जून कर दी गई थी। अब तीन जून को प्रस्तावित चुनाव भी निरस्त कर दिए गए हैं।
चुनाव स्थगित करने के पीछे प्रशासन ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। आदेश में केवल इतना कहा गया कि सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर चुनाव प्रक्रिया अगले आदेश तक रद्द की जाती है। इस अस्पष्टता ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। एमसीडी के राजनीतिक गलियारों में इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकांश वार्ड समितियों में भाजपा का बहुमत माना जा रहा है और इन्हीं समितियों से चुने गए सदस्य स्थायी समिति की संरचना तय करते हैं। सूत्रों के अनुसार, चुनाव टालने के पीछे पार्टी के भीतर खींचतान और गुटबाजी अहम कारण हो सकती है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्थायी समिति सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर समर्थक पार्षदों को जिम्मेदारी दिलाने को लेकर नेताओं के बीच सहमति नहीं बन सकी है।