मास्टर प्लान में रात के समय भी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, कनॉट प्लेस सहित सभी कमर्शियल केंद्र को पुनर्जीवित करना आदि पर भी ध्यान देने का निर्णय लिया गया है। वहीं प्रदूषण के संबंध में भी बढ़ती चिंताओं को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आईटी-सक्षम सेवाओं, ज्ञान-आधारित और उच्च तकनीक उद्योगों, उद्यमशीलता गतिविधियों, रियल्टी बाजार, पर्यटन, आतिथ्य, तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल और उच्च शिक्षा जैसी स्वच्छ अर्थव्यवस्थाओं की ओर बदलाव की परिकल्पना ड्राफ्ट के तहत की गई है।
ड्राफ्ट में 24 घंटे के शहर की अवधारणा को मॉडल दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम, 2015 के साथ-साथ रात की अर्थव्यवस्था (एनटीई) नीति के माध्यम से बढ़ावा दिया जायगा। मास्टर प्लान में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित करने के लिए रात में लगातार काम, सांस्कृतिक गतिविधि और मनोरंजन के लिए शहर में नोड्स और सर्किट की पहचान करने का कार्य करने और रात में कार्य जीवन को बढ़ावा देने के साथ साथ कार्य स्थलों के उपयोग और शहर में सुरक्षा का विस्तार करके आर्थिक उपज में सुधार लाने का कार्य किया जाएगा।
दिल्ली के कनॉट प्लेस, करोल बाग ने कमर्शियल क्षेत्रों ने ऐतिहासिक रूप से केंद्रीय व्यापारिक जिले की भूमिका निभाई है और कमर्शियल, कार्यालयों, व्यवसायों और सामाजिक-सांस्कृतिक सुविधाओं की उच्च सांद्रता बनी हुई है। हैरिटेज भवनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उन्नयन के लिए एक एकीकृत सुधार योजना तैयार की जाएगी। शहर में सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के केंद्र, जैसे इंद्रप्रस्थ एस्टेट में यातायात की भीड़ और पार्किंग को एक व्यापक सुधार योजना की जाएगी। प्रगति मैदान के एमआईसीई (बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन, प्रदर्शनी) हब के रूप में उभरने की उम्मीद है। क्षेत्र में अस्थायी आवास, आतिथ्य, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों के लिए पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शाहजहानाबाद दिल्ली में एक हैरिटेज क्षेत्र है जिसमें बड़ी संख्या में पुरानी इमारतें हैं। ‘‘थोक गतिविधियों को स्थानांतरित किया जाएगा और क्षेत्र में सांस्कृतिक, खुदरा गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। वॉल सिटी के बाहर के क्षेत्रों में पहाड़गंज, सदर बाजार, आजाद मार्केट, बड़ा हिंदू राव के लिए एक पुनर्जनन योजना तैयार की जाएगी। योजना के तहत पारंपरिक बाजारों या सांस्कृतिक मूल्य के अन्य क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें संरक्षित किया जाएगा। पुराने शहर के भीतर सभी भंडारण गतिविधियों और थोक भंडारण को 10 साल की अवधि के भीतर औद्योगिक क्षेत्रों या थोक बाजारों में स्थानांतरित किया जाएगा।
स्थानीय व्यवसायों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वेयरहाउसिंग और होटलों की अनुमति देते हुए पुराने शहर जैसे सदर बाजार के निकट के क्षेत्रों के पुनर्जनन का भी प्रावधान किया जा रहा है। बीपीडी का न्यूनतम नियोजन क्षेत्र 10 हेक्टेयर होगा। हरित विकास क्षेत्र (जीडीए) को भी हरित अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।