मनमीत कौर को लेकर दिल्ली लौटे मनजिंदर सिंह सिरसा
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कश्मीर में धर्म परिवर्तन करा कर जबरन विवाह की शिकार हुई मनमीत कौर दिल्ली पहुंच गई है। दिल्ली आने के बाद एयरपोर्ट से वह सीधे गुरुद्वारा मत्था टेक गुरु साहिब का आर्शीवाद लिया। इस मुहिम में मनमीत कौर का साथ दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने दिया है।
प्रबंधक कमेटी की देखरेख व कौर विमान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। इसके बाद वह सीधा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के साथ गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंची। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के साथ गुरुद्वारा में मत्था टेकने के बाद मनमीत कौर ने गुरु साहिब का आर्शिवाद लिया व धन्यवाद किया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ मनमीत कौर दिल्ली पहुंची।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में सिरसा ने कहा कि सिख लड़कियों के साथ कश्मीर ही नहीं दुनिया के किसी भी हिस्से में अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी के मन में इस सबंध में कोई भ्रम है तो वह दूर कर ले। सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब के आर्शीवाद के कारण इस मामले में फतेह हासिल करके ही लौटेंगे और गुरु साहिब की बख्शीश के कारण दोनों लड़कियां सिख परिवारों के पास वापिस लौट आई हैं।
उन्होंने बताया कि मनमीत कौर उनके साथ राष्ट्रीय राजधानी आई हैं ताकि गुरु साहिब का आर्शीवाद प्राप्त कर सके। जम्मू-कश्मीर में धमकियां देकर सिख लड़कियों को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन कर उनका बुजुर्गों के साथ विवाह करवाया जा रहा है। यह बात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिरसा ने बताया कि एक तरफ तो यह दावा किया गया कि 2012 में लड़की ने धर्म परिवर्तन कर लिया था व 2014 में उसने विवाह कर लिया था। जबकि वास्तविकता यह है कि 2021 तक लड़की अपने माता-पिता के घर रह रही थी। देश का कानून भी यही कहता है कि अगर लड़का व लड़की दो साल से अलग रह रहे हैं तो वह पति पत्नी नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि पूरी बात को घूमा फिराकर कहा गया। मनमीत को कश्मीर में अगवा किया गया और धर्म परिवर्तन कर जबरन विवाह का शिकार बनाया गया।
एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग हुआ तार-तार
मनमीत कौर को लेकर जैसे ही सिरसा दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकले समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। समर्थन में जबकर नारे लगाए गए तो भीड़ इतनी इकट्ठी हो गई कि एयरपोर्ट प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग कराना भारी पड़ा। स्वागत करने पहुंचे सिख समर्थकों ने फूल-माला पहना कर सभी का स्वागत किया है। पुलिस की मशक्कत के बावजूद कोई मानने को तैयार नहीं था। किसी तरह से पुलिस प्रशासन ने मनमीत कौर को वाहन में बैठा कर गुरुद्वारा की तरफ रवाना किया गया।