नई दिल्ली। दहेज में मिली कार को युवक के चाचा ने धोखे से बेच दिया। युवक की पत्नी को इसका बहुत दुख पहुंचा। युवक ने अपनी कार को दोबारा पाने के लिए कार चोरी की योजना बनाई। आरोपी अंकुर (23) ने अपने दोस्त अमन के साथ मिलकर दूसरी चाबी की मदद से कार उड़ा भी ली लेकिन छानबीन के बाद इस वारदात से पर्दा उठ गया।
प्रीत विहार थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अमन व उसके चाचा अनिल की तलाश कर रही है। गाड़ी को आरोपी के मामा के घर दोजाना से बरामद कर लिया गया है। अंकुर ने अपने दोस्त अमन व कार बेचने वाले चाचा के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि 11 मार्च 2020 को प्रीत विहार में पुरानी कारों के विक्रेता पंकज कुमार ने सी-ब्लॉक की पार्किंग से कार चोरी होने की रिपोर्ट कराई थी। पंकज ने पुलिस को बताया कि उसने कार अगस्त 2019 में दिलशाद गार्डन के एक अन्य कार डीलर से खरीदी थी। पुलिस ने छानबीन की तो सीसीटीवी में दो युवक कार खोलकर बड़े आराम से ले जाते हुए दिखाई दिए।
पुलिस ने जांच के बाद बुधवार को आरोपी अंकुर को सोनिया विहार स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसे दहेज में स्कोर्पियो गाड़ी मिली थी। उस समय उसके ससुर ने कार उसके चाचा अनिल के नाम करवा दी थी। कुछ समय बाद चाचा ने चुपचाप धोखे से स्कोर्पियो बेच दी। जब अंकुर की पत्नी को पता लगा तो उसे बुरा लगा।
अंकुर ने दोबारा कार पाने की चाहत में पहले उसका पता लगाया। बाद में चाचा और दोस्त अमन की मदद से कार चोरी कर अपने मामा के यहां गाजियाबाद के दोजाना में खड़ा कर दिया। पुलिस ने अंकुर की निशानदेही पर कार बरामद कर ली है। अमन व अनिल की तलाश की जा रही है।