नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 100 से ज्यादा लोगों से ठगी करने वाले एक मेवाती गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई। आरोपी मेडिकल उपकरण व दवाएं ऑनलाइन मुहैया कराने के नाम पर अपने साथियों के साथ ठगी करता था। आरोपी के खिलाफ पहले भी जालसाजी के छह से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी इमरान पहले ओएलएक्स पर बाइक व कार बेचने के नाम पर ठगी करता था।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह के अनुसार कुछ महीने से मेडिकल उपकरण व दवाएं देने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आ रही थीं। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि ठगी के लिए ज्यादातर शिकायतें भरतपुर, राजस्थान इलाके से की गई हैं। एसीपी गिरीश कौशिक की देखरेख में विशेष टीम बनाई गई।
मोबाइल सर्विलांस के आधार पर इमरान को भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया। इमरान ने पूछताछ में माना कि वह अपने साथी वक्का, रहीम, आसिफ, वसीम समेत अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी करता था।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा था कि नजदीकी रिश्तेदार का पूरा परिवार कोरोना की चपेट में आ गया था। रिश्तेदारों को बचाने के लिए पीड़ित ने आरोपी के खाते में रकम जमा कर दी कि उसे मेडिकल उपकरण व दवाएं मिल जाएंगी। इसके अलावा आरोपियों ने द्वारका निवासी रचिता भटनागर से 27800 और मोती बाग निवासी आशा बिष्ट से 36500 रुपये आक्सीजन कंसंट्रेटर देने के नाम ठग लिए थे।
पीड़ितों को तुरंत आक्सीजन की जरूरत थी। जामिया नगर में रहने वाली महिला से आक्सीजन कंसंट्रेटर देने के नाम पर 23500 रुपये ठग लिए। महिला की हालत गंभीर थी। राजौरी गार्डन निवासी नवनीत मखानी से भी 73000 रुपये ठग लिए। नवनीत का परिवार भी कोरोना से संक्रमित था।