गाजीपुर बॉर्डर पर हुई किसानों की महापंचायत
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राजस्थान में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पर हमले की घटना के बाद राष्टीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने रविवार को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड़ के कई किसानों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर हुंकार भरी। दोपहर बाद बॉर्डर पर हुई महापंचायत में उन्होंने किसानों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। अन्नदाता अहिंसक होकर ही आंदोलन चलाते रहेंगे, चाहे सरकार कोई भी हथकंडा क्यों न अपनाए, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि किसान कमजोर है। सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे।
महापंचायत केआह्वान के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान पहुंचे थे। रविवार को बॉर्डर पर युवाओं के मुकाबले बुजुर्गों की संख्या ज्यादा रही। नरेश टिकैत ने छ्त्तीसगढ़ में नक्सली हमले की निंदा करते हुए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। खाप चौधरियों के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने 11-12 बार किसानों को वार्ता के नाम पर बुलाकर मजाक करती रही। जब सरकार को पता चल गया कि किसान यह समझ रहे हैं कि वार्ता के नाम पर उनके साथ मजाक हो रहा है, तो वार्ता बंद कर दी गई। केंद्र साफ मन से बात करे तो इस समस्या का आसानी से हल निकल जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन में अब तक 300 किसान शहीद हो गए। सरकार के इशारे पर आंदोलन को हिंसक बनाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वह हिंसा के कतई पक्षधर नहीं हैं। किसानों का काम धंधे का समय है, सरकार उनकी और परीक्षा न ले।
नहीं चाहते छात्रों पर कार्रवाई
एक सवाल के जबाब में भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि अलवर में राकेश टिकैत के काफिले पर हुए हमले में नामजद हुए छात्रों पर वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। उन्होंने राजस्थान सरकार से भी कहा है कि उन बच्चों को माफ करो। नरेश टिकैत ने कहा कि इस हमले से एक बात साफ हो गई है कि भाजपा से जुड़े लोग ही इसके पीछे थे। क्योकि हमलावर छात्र एबीवीपी से जुड़े हैं, जो भाजपा का छात्र संगठन है।