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दिल्ली-एनसीआर: लॉकडाउन ने घटाए प्रदूषण के हॉटस्पॉट, हवा सुधरी

Sun, 12 Apr 2020 09:35 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में साफ हुई हवा, लॉकडाउन के बाद साफ नीला दिख रहा आसमान - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन से दिल्ली-एनसीआर में हवा के प्रदूषण स्तर में काफी कमी आई है। वायु प्रदूषण पर काम करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने लॉकडाउन के बाद से आठ अप्रैल तक प्रदूषण के आंकड़ों के अध्ययन पर अपनी रिपोर्ट पेश की है। 

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इसमें बताया गया है कि हवा में पीएम 2.5 व पीएम 10 के साथ नॉक्स की मात्रा में तेजी से कमी आई है। सफर ने अपनी रिपोर्ट दो चरणों में तैयार की है। पहली रिपोर्ट में एजेंसी ने एक से छह मार्च के वायु प्रदूषण के स्तर की तुलना अप्रैल के एक से छह अप्रैल के प्रदूषण आंकड़ों से की है। 

जबकि दूसरी रिपोर्ट दिल्ली-एनसीआर में लॉकडाउन से पहले और लॉकडाउन के बाद हॉटस्पॉट की संख्या का अध्ययन किया है। इसके आधार पर निकाले गए आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदूषण के स्तर में तेजी से गिरावट आई है।
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सफर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉक्टर गुफरान बेग के मुताबिक, लॉकडाउन में प्रदूषण तेजी से गिरा है और हवा बहुत ही साफ हो गई है। दिल्ली समेत देश के ज्यादातर केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता अच्छी या संतोषजनक है। प्रदूषण के छह रंगों वाले चार्ट का बड़ा हिस्सा इस वक्त हरा दिख रहा है, जो अच्छी हवा के संकेत है।

हॉटस्पॉट की संख्या में बदलाव

दिल्ली के हॉटस्पॉट या अधिक प्रदूषण वाले केंद्रों की रैंकिंग में भी बदलाव आया है। लॉकडाउन के पहले दिल्ली में प्रदूषण के 10 हॉटस्पॉट में पीरागढ़ी सबसे पहले नंबर और वसुंधरा एन्क्वेल 10वें नंबर पर था। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब (300-400) या खराब (200-300 एक्यूआई) स्तर में था।

जनता कर्फ्यू के साथ जब दिल्ली में कुछ गतिविधियां बंद हुई तो हॉटस्पॉट की संख्या आठ हो गई और सूचकांक भी 200-300 के बीच रहा। लॉकडाउन के बाद प्रदूषण का स्तर तेजी से गिरा। ज्यादातर सेंटर संतोषजनक श्रेणी में आया। प्रदूषण के नक्शा हर तरफ हरा दिखने लगा। इतना ही नहीं, हॉटस्पॉट की संख्या सिर्फ पांच बची हैं और यह औसत दर्जे में है।

पीएम व नॉक्स में आई कमी
सफर ने मार्च के पहले हफ्ते के वायु प्रदूषण की तुलना अप्रैल के पहले हफ्ते से की है। इसके मुताबिक, इस बीच पीएम 10 में 51 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, पीएम 2.5 लगभग 49 फीसदी कम हुआ है। दूसरी तरफ नॉक्स की मात्रा 60 फीसदी तक कम हुई है। सफर का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान हवा की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव होने का अंदेशा नहीं है। अगर इसकी अवधि पंद्रह दिन बढ़ती है तो गुणवत्ता और बेहतर हो सकती है।
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रविवार को हवा की गुणवत्ता रही संतोषजनक

दिल्ली-एनसीआर में रविवार की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रही। नोएडा व दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 87 व 94 और गाजियाबाद का 93 था। जबकि ग्रेटर नोएडा व गुरुग्राम का 98 रिकॉर्ड किया गया है। सफर का पूर्वानुमान है कि आने वाले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रहेगी।
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