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Education: छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए शुरू किया जा रहा है द लैंग्वेंज ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट

Sat, 04 Feb 2023 06:27 AM IST
Jeet Kumar रश्मि शर्मा, नई दिल्ली।

सार

शिक्षा निदेशालय के अनुसार सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भारत की भाषाओं का परिचय देने के लिए द लैंग्वेज ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : google
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को भारतीय भाषाओं को खेल-खेल में समझाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए स्कूलों में छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए द लैंग्वेंज ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को शब्दों का खेल जिसमें भाषाओं के विभिन्न लोकप्रिय शब्दों का अर्थ, विभिन्न भाषाओं में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, स्थानीय क्षेत्रीय पर्वों को मनाना एवं प्रार्थना सभा में उनका महत्व बताना जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। 

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शिक्षा निदेशालय के अनुसार सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भारत की भाषाओं का परिचय देने के लिए द लैंग्वेज ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए भाषा सीखने पर जोर देती है। 

इस प्रोजेक्ट की गतिविधियों में खेल के रूप में बच्चे हिस्सा ले सकेंगे। यह प्रोजेक्ट छात्रों को भारत की एकता के बारे में समझ पैदा करेगा बल्कि उन्हें भारत की सुंदर सांस्कृतिक विरासत के बारे में भी जागरूक करेगा। इसके तहत होने वाली गतिविधियां आनंददायक होंगी और इसके लिए बच्चों का आकलन नहीं किया जाएगा। 
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 निदेशालय का कहना है कि संबंधित भाषा के शिक्षक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे छात्रों को भारत की विभिन्न भाषाओं में आमतौर पर बोले जाने वाले वाक्यांशों और वाक्यों को जानने में मदद मिलेगी, शास्त्रीय भारतीय भाषाओं की शब्दावली को जानेंगे, अक्षरों और वाक्यों की संरचनाओं को व्यवस्थित करने में भी सक्षम होंगे।

चित्र, पोस्टर से भाषाओं के बारे में बताया जाएगा
प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्कूलों में बच्चों के लिए शब्दों का खेल आयोजित होंगे, जिसमें उन्हें भाषाओं के विभिन्न लोकप्रिय शब्दों के अर्थ शामिल होंगे। वहीं, स्कूलों को स्थानीय क्षेत्रीय पर्वों को मनाना होगा और प्रार्थनासभा में उनका महत्व बताया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न भाषाओं में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। साथ ही वार्षिक समारोहों के दौरान विभिन्न भाषाओं के चित्र, फोटोग्राफ व नृत्य, संगीत के माध्यम से भाषा के संबंध में   बताया जाएगा।

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