नई दिल्ली। फर्श बाजार स्थित भीकम सिंह कॉलोनी में एलपीजी रिसाव के बाद सिलिंडर फटने से हुई चार लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक व उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान वेस्ट ज्योति नगर निवासी आत्माराम गोयल (38) और इसका भांजा राम नगर, शाहदरा निवासी मनोज गोयल उर्फ मन्नू (26) के रूप में हुई है।
हादसे वाली बिल्डिंग में मनोज ही अवैध रूप से बड़े से छोटे सिलिंडर में गैस भरने के अलावा चूल्हे, कूकर व अन्य सामान मरम्मत करने का काम करता था। सिलिंडर फटने के बाद मुन्नी देवी के दरवाजे पर दीवार का मलबा गिर गया। घर में वेंटिलेशन न होने के कारण चार लोगों की दम घुटने की वजह से मौत हो गई थी। शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. साथियासुंदरम ने बताया कि मंगलवार रात करीब सवा 12 बजे भीकम सिंह कॉलोनी के एक मकान में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस की टीम वहां पहुंची।
उन्होंने दमकल कर्मियों की मदद से मकान के अंदर से चार लोगों को निकालकर हैडगेवार अस्पताल पहुंचाया। जहां सभी चारों लोगों मुन्नी देवी (48), बेटी सुमन (24) दो बेटे नरेश (22) और ओम प्रकाश (19) को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में मुन्नी के बड़े बेटे लालचंद (29) को पड़ोसियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकाल लिया। इससे पहले वह खिड़की से सांस लेकर जिंदा रहा। बाकी चारों लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। दरअसल, जिस मकान में परिवार रहता था, उसके अगले हिस्से में मकान मालिक का भांजा मनोज गोयल अवैध रूप से एलपीजी सिलिंडर भरने का काम करता था। मंगलवार को वह दुकान बंद कर चला गया था।
इस बीच दुकान में आग लगी और सिलिंडर ब्लास्ट हो गया। दीवार का मलबा मुन्नी के दरवाजे के आगे गिरा, जिसकी वजह से परिवार अंदर ही फंस गया और चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने जांच के दौरान मकान मालिक आत्माराम और दुकान चलाने वाले भांजे मनोज को दोषी माना। बुधवार को इस संबंध में मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि घर में वेंटिलेशन नहीं था, जिसकी वजह से चारों हादसे का शिकार हो गए।