किसान आंदोलन को शुरू हुए काफी समय बीता चुका है लेकिन अबतक कोई रास्ता नहीं निकल पाया है। इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अगर सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है तो राज्यपाल और राष्ट्रपति बड़े होते हैं। हम राज्यपाल के माध्यम से अपनी बात कहेंगे।
कृषि कानूनों के खिलाफ छह महीने से भी अधिक समय से चल रहे आंदोलन को किसान खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को एक नई घोषणा की है।
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उन्होंने कहा है कि अगर सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है तो राज्यपाल और राष्ट्रपति बड़े होते हैं। हम राज्यपाल के माध्यम से अपनी बात कहेंगे। उन्होंने बताया कि 26 जून को किसान आंदोलन के कुछ प्रतिनिधि हर राज्य में राज्यपाल या उपराज्यपाल के पास जाएंगे।
उन्हें अपनी मांगों की जानकारी देते हुए ज्ञापन देंगे और उनसे मिलेंगे। चूंकि कोरोना महामारी का समय है इसलिए हर राज्य में केवल पांच-छह लोग ही राज्यपाल या उपराज्यपाल के पास जाएंगे।