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छह माह में दिल्ली सरकार के दफ्तरों में होंगे ई-वाहन, जनता को भी खरीद के लिए करेंगे प्रेरित

Thu, 25 Feb 2021 11:03 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : twitter.com/ArvindKejriwal
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दिल्ली सरकार के सभी विभागों और संस्थानों में अब केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का ही इस्तेमाल होगा। लीज हायर के तहत संचालित होने वाले मौजूदा वाहन (पेट्रोल, डीजल और सीएनजी) छह महीने में इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील कर दिए जाएंगे। फिलहाल दिल्ली सरकार के दफ्तरों में करीब 2000 वाहनों का बेड़ा है। 

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प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से दिल्ली सरकार की ईवी पॉलिसी के तहत लिए गए इस फैसले से दिल्लीवासी भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित होंगे। दिल्ली सरकार के वित्त विभाग की तरफ से गुरुवार को आदेश भी जारी कर दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सपना दिल्ली को इलेक्ट्रिक वाहन राजधानी बनाना है। दिल्ली अब भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पहला ऐसा प्रदेश है जहां सभी सरकारी विभागों को सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। 
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इस कदम से प्रदूषण को काबू करने में काफी मदद मिलेगी। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के मद्देनजर सरकार की ओर से उठाया गया, यह एक बड़ा कदम है। 

स्विच दिल्ली अभियान के तीसरे सप्ताह में वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में गुरुवार को जारी विस्तृत आदेश जारी किए जाने से इलेक्ट्रिक वाहनों को काफी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। 

ई-वाहनों की खरीद, किराया या लीज पर लेने के लिए जेम पोर्टल या केंद्र सरकार के ऊर्जा विभाग के तहत पीएसयू ईईएसएल का उपयोग किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनी जरूरत के मुताबिक ड्राई या वेट लीज का प्रावधान किया गया है। पहली बार वाहनों की खरीद के लिए वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य है। हालांकि मौजूदा अनुबंध के विस्तार के लिए इस अनुमति की जरूरत नहीं होगी। 

सिसोदिया ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली सरकार के सभी विभागों, स्वायत्त संस्थाओं तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं में संचालित सभी वाहनों के इलेक्ट्रिक होने से दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर करने में काफी मदद मिलेगी। इसके लिए परिवहन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। 

परिवहन विभाग की ओर से सभी विभागों में वाहनों की खरीद या किराये पर लेने के लिए होने वाले करार के लिए प्रारूप तैयार किया जा रहा है। हर महीने पांच तारीख तक परिवहन विभाग को विभागों में ई वाहनों की स्थिति का ब्यौरा भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली के नागरिकों ने पर्यावरण से लड़ाई में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। सरकार के इस कदम से एक बार फिर इस संकल्प को मजबूती मिलेगी। 

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