आतंक की सरजमी के बीच कश्मीरी छात्र अब धीरे-धीरे भारत सरकार की सेवाओं से जुड़ने लगे हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लॉकडाउन में कश्मीर के विभिन्न आईटीआई के छात्रों ने दो लाख से अधिक मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स, जूते कवर करने वाले बैग, गाउन आदि बनाए हैं। कोविड-19 से आम लोगों को बचाने में लगे कोरोना योद्धाओं और भारतीय सेना के जवानों के लिए यह खास तौर पर तैयार किए गए हैं।
केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमिका मंत्री ने दी बधाई
कश्मीरी छात्रों के इस देश प्रेम पर केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने भी उन्हें बधाई दी है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, कोरोना बचाव के लॉकडाउन के दौरान कश्मीर घाटी की महिलाओं से लेकर छात्रों ने इस मुश्किल घड़ी में अपने हुनर का योगदान दिया है। संकट की इस घड़ी में आईटीआई प्रतिबद्धता व तत्परता के साथ चिकित्सीय उपकरण व अन्य सामान का निर्माण के साथ-साथ सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग कर रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में भी सामान बनाकर दिया जा रहा
वहीं, जम्मू कश्मीर तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक सज्जाद हुसैन ने बताया कि कोरोना बचाव में घाटी के सभी आईटीआई छात्र अपना बेहतर योगदान दे रहे हैं। आईटीआई कुलगाम ने इससे पहले 18 अप्रैल को 50 हजार मास्क, पांच सौ पीपीई किट, तीन सौ गाउन डीसी को सौंपे थे। घाटी में इन उपकरणों और सामान को बनाने का काम लगातार जारी है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में भी सामान बनाकर दिया जा रहा है।
आईटीआई का नाम प्रोडेक्ट
कुलगाम - 80 हजार मास्क, एक हजार पीपीई किट
श्रीनगर- (पीपी मोड) साढ़े 350 पीपीई किट, 21,735 मास्क,1700 हेड कवर्स व 11 हजार जुतों के कवर
पुलवामा- सौ गाउन तथा एक हजार मास्क
अनंतनाग- चार हजार मास्क
सोपोर- दस हजार मास्क
पंपोर - दस हजार मास्क
पट्टन- पांच हजार मास्क
त्राल - सात हजार से अधिक मास्क
बारामुला - छह हजार से अधिक मास्क,
उरी - ढाई हजार से अधिक मास्क
चरारेशरीफ- पांच सौ से अधिक मास्क