कंझावला हादसे में अंजलि की मौत के मामले में दो और लोगों के शामिल होने का खुलासा हुआ है। इनमें से एक कार मालिक आशुतोष है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपी अंकुश खन्ना फरार है।
विशेष पुलिस आयुक्त सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि पांचों आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनके बयान अलग-अलग पाए गए। यह पता चला है कि आशुतोष व अंकुश ने सबूतों से छेड़छाड़ भी की। इस मामले में 18 टीमें जांच कर रही हैं। हुड्डा ने कहा, आरोपियों और पीड़िता के बीच कोई संबंध नहीं मिला है। रविवार रात हुए हादसे में अंजलि की स्कूटी को कार से टक्कर मारने के बाद आरोपी शव को नृशंसता के साथ 13 किमी तक घसीटते रहे थे।
भाई को बचाने के लिए अंकुश ने बोलवाया झूठ
पांच आरोपियों में से दो दीपक खन्ना और अमित खन्ना ने 31 दिसंबर को शाम करीब सात बजे आशुतोष से कार ली थी। विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा कि अंकुश खन्ना अमित का भाई है और हादसे के समय अमित कार चला रहा था। अंकुश और आशुतोष दोनों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है। अंकुश ने अपने भाई को बचाने के लिए दीपक से कहा कि वह पुलिस को बताए कि वह कार चला रहा था।