घर में प्रवेश करने से पहले ही सभी कपड़े बाहर उतार कर रख देता हूं और सीधे स्नानघर में जाकर साबुन से अच्छी तरह नहाता हूं। बच्चे पास आने की जिद करते हैं, लेकिन संक्रमण के खतरे से उन्हें अपने पास से दूर रखता हूं। करीब तीन से चार घंटे गुजरने के बाद फिर बच्चों के पास जाता हूं।
-जोगिंदर, सफाई कर्मचारी
हम खुद ही नहीं, लोग भी हमें संक्रमण से बचा रहे हैं
मेरी ड्यूटी नूर-ए-इलाही इलाके में है, जहां कुछ दिन पहले कोरोना संदिग्ध केस सामने आया था। इस मामले से निपटना मेरे लिए चुनौती था। क्योंकि, वहां साफ-सफाई की जिम्मेदारी मेरी ही थी। जब मुझे इस बात की जानकारी मिली तो मैं तुरंत अपनी झाड़ू लेकर साफ-सफाई के लिए पहुंच गया।