वहीं अन्य घोषित संकायों में अभाविप ने बहुमत में जेएनयूएसयू में काउंसलर की सीटें जीत ली हैं। इस वर्ष कुल काउंसलर पद पर विभिन्न संकायों से 46 सीटों के लिए मतदान हुआ है। यह अब तक घोषित नतीजों में अभाविप बहुत ही मजबूत स्थिति में हैं।, जिनमें से 26 सीटों पर परिणाम घोषित हो चुके हैं, और अन्य पर मतगणना जारी है। केंदीय पैनल पर भी जेएनयूएसयू अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, एवं संयुक्त सचिव पद के लिए मतगणना शुरू हो गई है।
मतगणना स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज सहित अन्य संकायों में जारी है, जहां प्रारंभिक रुझानों में अभाविप प्रत्याशी लगातार मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। पूरे परिसर से मिल रहे रुझान यह दर्शाते हैं कि अभाविप ने न केवल स्कूल स्तर पर बल्कि चारों केंद्रीय पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव पर भी निर्णायक बढ़त हासिल की है।
इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि इस वर्ष का छात्रसंघ चुनाव जेएनयू में वैचारिक और संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा परिवर्तन लेकर आ सकता है। जेएनयू परिसर में अभाविप कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह का माहौल है। विभिन्न स्कूलों में जीत के साथ छात्र संगठन के कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
अभाविप जेएनयू के मुख्य चुनाव संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक प्राप्त नतीजे यह दर्शाते हैं कि जेएनयू के छात्र समुदाय ने एक बार फिर सकारात्मक, छात्रहित और राष्ट्रनिर्माण के विचार को चुना है। अभाविप की यह बढ़त उस निष्ठा और प्रतिबद्धता की स्वीकृति है, जो संगठन ने छात्र हित, शैक्षणिक उत्कृष्टता और रचनात्मक संवाद के माध्यम से स्थापित की है। अरुण ने इस प्रदर्शन को छात्रों के विश्वास की जीत बताया है और कहा है कि परिषद आने वाले समय में विश्वविद्यालय के अकादमिक और छात्र-कल्याण से जुड़े मुद्दों को और सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।