जेएनयू में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज डाटा लोड होने के बाद ही मिल सकती है। रोहिणी स्थित एफएसएल की टीम जेएनयू के सर्वर से डाटा लोड करने में लगी है। इसमें कितना समय लगेगा, इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने 37 आरोपियों को नोटिस भेज दिया है। बाकी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन सभी को अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभी मुख्य आरोपियों से पूछताछ हो रही है।
जेएनयू हिंसा की जांच कर रही अपराध शाखा की एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेएनयू के सर्वर से डाटा लोड किया जा रहा है। एफएसएल की टीम ने बुधवार को भी इस पर काम किया था। अधिकारी का कहना है कि डाटा को लोड करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
यह भी हो सकता है कि बृहस्पतिवार को डाटा लोड हो जाए। इसके बाद ही पता लगेगा कि सीसीटीवी कैमरों ने रिकॉर्डिंग की है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि सर्वर खराब नहीं हुआ था। ऐसे में सीसीटीवी कैमरों ने रिकार्डिंग की होगी।
उधर, व्हाट्स ऐप से पहचाने गए 50 आरोपियों में से 37 को नोटिस भेज दिया गया है। इनकी व्हाट्स ऐप ग्रुप से पहचान हुई थी। जेएनयू में 5 जनवरी को हिंसा के समय दो व्हाट्स ऐप ग्रुप बने थे। जिन 50 आरोपियों की पहचान हुई है, वह इन ग्रुप से जुड़े थे। इनके मोबाइल नंबर से आरोपियों की पहचान हुई है।