शोध के लिए पिंजरों में नहीं पनपता कोई बैक्टीरिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शोध के लिए चूहे और खरगोश को पॉलीप्रोपाइलीन और स्टील के पिंजरों में रखा जाएगा। नए पिंजरों की खरीद को लेकर जेएनयू के सेंट्रल लेबोरेटरी एनिमल रिसोर्स ने कवायद शुरू कर दी है।
चूहों के लिए 115 पॉलीप्रोपाइलीन पिंजरे और 18 स्टेनलेस स्टील पिंजरे खरगोश के लिए खरीद जाएंगे। इस संबंध में निविदा जारी कर दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि पिंजरों की खरीद इससे पहले भी होती रहती है। लेकिन यह पिंजरे सामान्य पिंजरों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होते है। साफ-सफाई आसानी से हो जाती है। पिंजरों में किसी प्रकार कोई कीटाणु और बैक्टीरिया नहीं पनपता है। एक स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित होता है। शोध के चूहे और खरगोश को रखने के लिए ऐसे पिंजरों की जरूरत पड़ती है। जिससे शोध से जुड़ा कोई कार्य प्रभावित न हो।