मुख्य सुरक्षा अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की डॉ. बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी के रीडिंग रूम में टेबल पर जातिसूचक और आपत्तिजनक शब्द लिखने वाले दोषियों की पहचान कर ली गई है। प्रशासन ने दोषी दो पूर्व जेएनयू छात्रों के कैंपस में प्रवेश पर बैन लगा दिया है। इस संबंध में जेएनयू प्रशासन ने आदेश जारी किया है।
जेएनयू के मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 18 अगस्त को हुई घटना के संबंध में दो पूर्व छात्रों को दोषी पाया गया है। छात्रों ने टेबल पर जातिसूचक और आपत्तिजनक शब्द लिखे थे। इससे विश्वविद्यालय में अशांति पैदा हो सकती थी। साथ ही यह विश्वविद्यालय के सद्भाव के खिलाफ था। इस तरह की गतिविधियां गंभीर हैं। दोनों पूर्व छात्रों को जेएनयू कैंपस से बैन किया जाता है। अगर उन्हें विश्वविद्यालय कैंपस में कोई पनाह देता मिला तो उन पर नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूर्व छात्रों पर यह कार्रवाई मुख्य सुरक्षा अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
इस मामले में जेएनयू रजिस्ट्रार ने भी अधिसूचना जारी कर कृत्य की कड़ी निंदा की है। साथ ही किसी भी अनाधिकृत गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा शाखा के 011-26742878, 011-26704742 नंबरों पर देने के निर्देश दिए है। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में अगर कोई इस कदाचार में लिप्त मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार के कदाचार के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता की नीति को अपनाता है। बता दें कि इस मामले में जेएनयू छात्रसंघ की ओर से कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली पुलिस को भी शिकायत दी गई थी।