राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रही है। पिछले कई दिनों से गंभीर मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि लोग कोरोना जांच कराने के बाद रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने पर ही लोग कोविड का इलाज करा रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अगर किसी को कोरोना के सभी लक्षण दिख रहे हैं तो कोविड रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही सबसे पहले खुद को आइसोलेट करना चाहिए।
दिल्ली के अस्पतालों में कई ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें शुरू में ही कोरोना के लक्षण दिखने लगे थे, लेकिन ये लोग जांच कराने के बाद रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने में इस समय चार से पांच दिनों तक का समय लग रहा है। इस अवधि में मरीज कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहा है।
जब तक जांच का पता चलता है, मरीज की तबीयत खराब होने लगती है और वह गंभीर हालत में अस्पतालों का रुख करतें हैं। उधर, कई मामले ऐसे भी आ रहे हैं जहां कोरोना जांच कराने के बाद लोग बेफिक्र होकर घूम रहे हैं। वह अन्य लोगों से मिल भी रहे हैं। जब रिपोर्ट आती है तो पता चलता है कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हैं और उसके संपर्क में आने वाले भी संक्रमित हो गए हैं।