अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुजाता होटल के खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को स्थगित कर दिया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने 10 सितंबर को ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश को होटल के संबंध में अगली सुनवाई 3 दिसंबर तक स्थगित रखा। अदालत ने सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 की धारा 4 सहपठित धारा 3 के तहत आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
अभियोजन पक्ष का मामला आईआरसीटीसी द्वारा रांची और पुरी में बीएनआर होटल्स के संचालन के लिए होटल को ठेके पर दिए जाने से संबंधित है। आरोप है कि होटल टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर और कुछ जमीन को कम कीमत पर डीएमसीपीएल नामक कंपनी को हस्तांतरित करने में शामिल था, जो कथित लाभार्थियों से जुड़ी कंपनी है। होटल की ओर से तर्क दिया गया कि कंपनी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए उसके निदेशकों के व्यक्तिगत कृत्यों को स्वतः कंपनी पर नहीं थोपा जा सकता। अदालत ने कहा कि निदेशकों के कृत्यों को कंपनी पर आरोपित किया जा सकता है या नहीं, इस मुद्दे पर और विचार की जरूरत है। अदालत ने ईडी से जवाब मांगा और निर्देश दिया कि कंपनी की धारा 3 के तहत संलिप्तता साबित करने वाली सटीक सामग्री का उल्लेख किया जाए। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक होटल के संबंध में आरोप तय करने के आदेश और आगे की कार्रवाई स्थगित रहेगी। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी सहित कई अन्य आरोपियों पर भी पीएमएलए के आरोप तय किए गए थे।