कोविड के दौरान अब ऑनलाइन ठगी का धंधा एक बार फिर शुरू हो गया है। बदमाश नए-नए तरीकों से लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। दक्षिण दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी इलाके में बदमाशों ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के साथे कोविड में मदद के नाम पर 97 हजार की ठगी कर ली।
आरोपी ने खुद को पीड़ित का दोस्त बताकर इंटरनेट कॉल की। ठगी की इस वारदात को दक्षिण जिला साइबर सेल ने एक सप्ताह के भीतर सुलझाकर नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान टचुक्वू क्रिस्टियन नवासू के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल पांच मोबाइल फोन, छह एटीएम कार्ड, पांच चेकबुक और एक लैपटॉप बरामद किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 21 अप्रैल को डिफेंस कालोनी निवासी एक सीनियर आईपीएस ऑफिसर ने ठगी की शिकायत पुलिस को दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनके करीबी दोस्त के व्हाटसएप नंबर से कॉल आई थी। दोस्त ने कोरोना संकंट में आर्थिक मदद की बात कर पीड़ित से 97 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने की बात की।
दोस्त के मुसीबत में होने का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत ऐसा ही किया और रुपये खाते में भेज दिए। बाद में जब दोस्त से बात की तो उसने मदद मांगने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर जांच का जिम्मा जिले की साइबर सेल को सौंप दिया। जिस खाते में रुपये ट्रांसफर हुए थे, पुलिस ने उसकी जांच की तो रकम तब तक उसी खाते में मौजूद थी। पुलिस ने उस खाते को फ्रीज करा दिया। इसके बाद टेक्सीकल सर्विलास से मामले की जांच की गई तो पता चला कि आरोपी छतरपुर इलाके में कहीं रहता है।
छानबीन के बाद पुलिस ने 30 अप्रैल को आरोपी को मैदानगढ़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपी पिछले पांच सालों से भारत में रह रहा है। आरोपी पीड़ितों के दोस्त बनकर उनसे ठगी करता था। पहले आरोपी अपना टारगेट तलाश कर उनके ईमेल व हैक कर लेता था। इसके बाद सोशल मीडिया से उनके दोस्तों के नंबर जुटाकर उनके नाम पर फर्जी ईमेल भेजकर उनको इंटरनेट कॉल कर मदद मांगता था। पीड़ितों को लगता था कि उनका ही दोस्त उनसे मदद मांग रहा है और वह ठगी का शिकार हो जाते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।