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इंस्पेक्टर को 6 गोलियां मारने वाले बदमाश मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार तड़के संयुक्त रूप से अभियान चलाकर संदीप बदवासनी गिरोह के दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। बदमाशों की गोलियों से दो एसआई बाल-बाल बच गए। इन बदमाशों ने गुरुग्राम अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर को दिनदहाड़े छह गोलियां मारी थीं। गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश रूपिंद्र उर्फ नन्हा पर दो लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। बदमाशों के कब्जे से तीन स्वचालित पिस्टल और आठ कारतूस बरामद किए गए हैं। दोनों बदमाशों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, उगाही व लूटपाट के काफी मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार बदमाश अमित जिलास्तर का वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुका है।
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स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार अवैध शराब सप्लाई करने वाले संदीप बदवासनी ने दूसरे तस्करों से बदला लेने के लिए वर्ष 2014-15 में गिरोह बनाया था। इसके बाद कई लोगों की हत्या की गई थी। फरवरी, 2017 में संदीप बदवासनी की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप सोनीपत निवासी रामकरण और उसके साथी व रोहतक निवासी सत्यवान मलिक पर लगा। संदीप की हत्या का बदला लेने के लिए गांव बरोना, सोनीपत, हरियाणा निवासी अजय उर्फ बिट्टू ने रोहतक में दिसंबर, 2017 में सत्यवान की हत्या कर दी थी। हरियाणा पुलिस ने अजय उर्फ बिट्टू व उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। सभी जेल में हैं। अजय जेल से व रूपिंद्र उर्फ नन्हा बहार से गिरोह का चला रहा था। ये दोनों सत्यवान मलिक के परिवार के लोगों की हत्या करने की साजिश रच रहे थे। इन्होंने रामकरण की हत्या की कोशिश की थी। रूपिंद्र उर्फ नन्हा और उसके साथियों ने गुरुग्राम पुलिस के इंस्पेक्टर व सत्यवान की भतीजे की सितंबर, 20 में हत्या करने की कोशिश की थी। इन्होंने इंस्पेक्टर को छह गोलियां मारी थीं। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने रूपिंद्र पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
मुठभेड़ के दौरान चलीं 28 गोलियां
सेल में तैनात इंस्पेक्टर मानसिंह व सीआईए, हरियाणा पुलिस इन बदमाशों की तलाश कर रही थी। इंस्पेक्टर मानसिंह को रूपिंद्र व अन्य बदमाशों के रोहिणी में आने की सूचना मिली थी। एसीपी संजय दत्त की देखरेख में इंस्पेक्टर मानसिंह, एसआई संदीप यादव व रवि राणा और गुरुग्राम पुलिस के इंस्पेक्टर राजकुमार आदि की टीम ने 24 नवंबर तड़के चार बजे मुनक नहर, सेक्टर-29 रोहिणी, खेड़ा गांव पुलिया के पास घेराबंदी की। तभी वहां होंडा सिटी कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने कार चालक को रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दीं। बदमाशों ने कुल 11 गोलियां चलाईं। एक-एक गोली स्पेशल सेल के एसआई पुनित व गुरुग्राम पुलिस के एसआई राजकुमार को लगी। बुलट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण दोनों बचे गए। जवाबी कार्रवाई में भी पुलिस टीम ने कुल 17 राउंड गोली चलाईं। दो गोली गांव बारोना, सोनीपत निवासी रूपिंद्र(26) के पैर में व एक गोली कार चालक गांव सिसवाल जिला हिसार हरियाणा निवासी अमित सूतर (22) के पैर में लगी। दोनों को भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के समय दोनों विरोधी गिरोह के सदस्यों की हत्या करने जा रहे थे।
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हरियाणा पुलिस की कस्टडी में कैदी की हत्या कर दी थी
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार रूपिंद्र उर्फ नन्हा की संदीप बदवासनी के दोस्त अजय उर्फ बिट्टू से दोस्ती थी। उसी ने ही रूपिंद्र को संदीप से मिलवाया था। रूपिंद्र, अजय ने अन्य साथियों के साथ गन्नौर, सोनीपत की जिला कोर्ट में हरियाणा पुलिस की कस्टडी में विकास उर्फ दूधिया की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इन लोगों ने कई लोगों की हत्या की थी।
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