नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन बुधवार को हुई एक वारदात ने राजधानी को शर्मसार कर दिया। विवेक विहार के कस्तूरबा नगर में निजी रंजिश में 20 साल की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद दबंगों और कुछ महिलाओं ने मुंह पर कालिख पोतकर उसे गलियों में घुमाया। आरोपियों ने उसके बाल काट दिए और गले में जूते व चप्पलों की माला भी डाल दी।
पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम ने कहा कि सात महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। दबंगों ने महिला को कड़कड़डूमा स्थित घर से अगवा कर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। महिला से तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म, कुकर्म और अप्राकृतिक यौनाचार करने के बाद निजी अंग में मिर्च पाउडर डाल दिया। दरअसल पीड़ित महिला और आरोपी परिवार के 16 वर्षीय लड़के के बीच दोस्ती थी। लड़के का परिवार इसका विरोध करता था। बाद में लड़की के परिजनों ने उसकी शादी सीमापुरी के एक युवक से कर दी। पिछले साल नवंबर में लड़की ने नाबालिग लड़के से मिलने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्से में लड़के ने 12 नवंबर को विवेक विहार में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। लड़के के परिजन उसे बेटे की मौत का दोषी मानने लगे। शादी के बाद महिला अपने ससुराल सीमापुरी में रहती थी, लेकिन लड़के की मौत के बाद जब उसके परिवार ने लड़की की तलाश शुरू की तो वह छिपकर कड़कड़डूमा में रहने लगी।
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि वारदात की सूचना के बाद पहुंची पुलिस से भी आरोपियों ने बदसलूकी की। किसी तरह महिला को भीड़ से छुड़ाकर थाने लाया गया। उसका मेडिकल कराने के बाद विवेक विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि बुधवार सुबह 10.45 बजे महिला की छोटी बहन घर से कुछ सामान लेकर बहन के घर के लिए निकली। लड़के के घरवालों ने उसका पीछा किया। इसके बाद वह कड़कड़डूमा में पीड़िता के घर पहुंच गए। वहां कई महिलाओं व अन्य लोगों ने पीड़िता को अगवा कर ऑटो में बिठा लिया। रास्ते में उसे पीटा। इसके बाद उसे कस्तूरबा नगर के एक मकान में लाकर दो नाबालिगों व एक अन्य लड़के के हवाले कर दिया।
आरोपियों पर अवैध शराब बेचने के दर्ज हैं केस
आरोपी परिवार दबंग है। इनके खिलाफ शराब और मादक पदार्थ बेचने के कई मामले दर्ज हैं। वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली महिला आयोग ने संज्ञान लेकर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। वीडियो में पीड़िता को पीटने पर भीड़ में ही मौजूद लोग और तेज चिल्लाकर हूटिंग करते दिख रहे हैं। सभी लोग तमाशबीन बने रहे। किसी ने महिला की मदद नहीं की।
अपराधियों को इतनी हिम्मत कैसे हो गई
ये बेहद शर्मनाक है, अपराधियों की इतनी हिम्मत हो कैसे गई। केंद्रीय गृहमंत्री और उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि वह पुलिस को आदेश दें कि मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा कानून व्यवस्था पर ध्यान दें। दिल्लीवासी इस तरह के जघन्य अपराध और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
20 साल की महिला पर बर्बर हमले को लेकर डीसीपी शाहदरा से बात की है। कुछ गिरफ्तारियां की गई हैं और आगे भी होंगी। मैं विश्वास दिलाता हूं कि इन जानवरों (पुरुषों और महिलाओं) को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता को हर तरह की सहायता प्रदान की जाएगी।
-गौतम गंभीर, सांसद
लुटती रही महिला की आबरू, तमाशबीन बने रहे लोग
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी में अलर्ट था। इसी दौरान दबंगों ने कड़कड़डूमा के मकान में घुसकर महिला को अगवा कर लिया। विवेक विहार के कस्तूरबा नगर लाकर आरोपी महिलाओं व इनके घर के पुरुष व नाबालिग खुलेआम पीड़ित महिला की आबरू लूटते रहे। पीड़िता मदद की गुहार लगाती रही। घटना स्थल पर तमाशबीन भी जुट गए। चाहकर भी पीड़ित महिला का परिवार कुछ नहीं कर सका। पीड़िता को पीटने पर भीड़ में ही मौजूद लोग और तेज चिल्लाकर हूटिंग करते दिखे। स्थानीय लोगों का कहना था कि आरोपी परिवार दबंग है। इनके खिलाफ शराब और मादक पदार्थ बेचने के कई मामले दर्ज हैं। कस्तूरबा नगर में रहने वाले एक शख्स ने बताया कि आरोपी सुबह करीब 11.45 बजे पीड़िता को उठाकर ले आए। शोर-शराबा हुआ तो मोहल्ले वालों की भीड़ जुट गई। घर में महिला से हैवानियत होती रही। वह मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन कोई भी जाकर उसे बचाने का साहस नहीं जुटा सका। एक अन्य शख्स ने बताया कि जिस नाबालिग लड़के ने आत्महत्या कर ली थी। उसके परिवार का शराब, गांजा और दूसरे नशीले पदार्थ बेचने का काम है। इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। मरने वाला लड़का परिवार में बड़ा बेटा था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन व भाई है।
पहले भी कई बार किया था हमला, दो बार की थी पुलिस से शिकायत
नई दिल्ली (शुजात आलम)। विवेक विहार के कस्तूरबा नगर में महिला के साथ हुई हैवानियत के बाद से पीड़िता का परिवार बुरी तरह डरा हुआ है। उनको अपनी जान की चिंता सता रही है। घर में छोटी बहन और बीमार पिता के अलावा कोई नहीं है। परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी पहले भी छह-सात बार हमला कर चुके हैं। उनको न तो पुलिस और न ही जेल जाने से डर लगता है। वह खुलेआम मारने की बात करते हैं। परिवार का कहना है कि पीड़िता पर हुए हमले की दो बार पुलिस से भी शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस शिकायत मिलने की बात से इनकार कर रही है। पिछले साल हार्ट अटैक से पीड़िता की मां की मौत हो गई थी। पीड़िता शादी से पहले आंगनबाड़ी केंद्र में काम करती थी। शादी के बाद वह पति के साथ रहने लगी। पति पूर्वी दिल्ली के एक होटल में केयर टेकर है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद भी नाबालिग लड़का पीड़िता से मिलने की जिद करता था। पीड़िता मना करती थी तो वह आत्महत्या करने की धमकी देता था। हुआ भी ऐसा ही। पीड़िता ने लड़के से मिलने से मना किया तो उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी, तभी से उसका परिवार दुश्मन बन गया। इधर वर्ष 2016 में पीड़िता के पिता सड़क हादसे में जख्मी होकर लकवाग्रस्त हो गए थे। तभी से वह बिस्तर पर थे। परिवार ने उनको ऑटो किराये पर दिया हुआ था। उससे उनका गुजारा हो रहा था। आरोपियों ने बेटे की मौत के बाद ऑटो में भी आग लगा दी थी।
महिलाओं ने कैसे आबरू लुटवा दी, इससे घिनौना कुछ नहीं हो सकता
नई दिल्ली। कस्तूरबा नगर में महिला के साथ हुई हैवानियत के बाद सोशल मीडिया पर घमासान मचा रहा। सोशल मीडिया पर पीड़िता की आबरू लुटवाने वाली महिलाओं की जमकर खिंचाई की गई। लोगों का कहना था कि आरोपी महिलाओं ने कैसे पीड़िता की आबरू लुटवा दी। कुछ का कहना था कि इससे घिनौना कुछ नहीं हो सकता है। बुधवार दिन में हुई वारदात का वीडियो रात को ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा था। इसको देखकर महिला आयोग भी हरकत में आया।
पीड़िता और परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाई
शाहदरा पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि फिलहाल हालात को देखते हुए पीड़िता और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है। कुछ पुलिसकर्मियों को कस्तूरबा नगर स्थित पीड़िता के मायके और कड़कड़डूमा गांव स्थित उसके मकान के बाहर तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अभी कुछ दिन सुरक्षा जारी रहेगी। देर शाम पीड़िता पुलिस हिरासत से पति के पास लौट गई थी।
इन महिलाओं को किया गिरफ्तार
पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम तक सात महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था। इनकी पहचान शालू, रज्जी, प्रेरणा, कोमल, वर्षा, प्रीति और बेबी के रूप में हुई। सभी महिलाएं एक-दूसरे की रिश्तेदार हैं।