राजधानी दिल्ली में डंपर व अन्य भारी वाहन रात व सुबह के समय बेलगाम हो जाते हैं। रात व सुबह के समय ट्रैफिक पुलिस सड़कों से गायब होती है। ऐसे में इन बेलगाम वाहनों पर काबू करने के लिए कोई नहीं होता है। ऐसे में डंपर जैसे भारी वाहन बेलगाम सड़कों पर लोगों को रौंदते हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष के शुरूआती पांच वर्षों में सिर्फ 12720 भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
दिल्ली ट्रैफिक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में स्टाफ की भारी कमी है। ऐसे में दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मी रात आठ बजे के बाद सड़कों से गायब होना शुरू हो जाते हैं। रात 11 बजे के बाद ज्यादातर ट्रैफिक सिग्रल्स काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में डंपर व अन्य भारी वाहन दिल्ली की सड़कों पर मौत का खेल खेलते हैं। इन पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं होता है। जब भी कोई बड़ा हादसा होता है तो भारी वाहनों पर लगाम लगाने की बात सामने आती है। कुछ दिनों बाद इसको भुला दिया जाता है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने बताया कि भारी वाहनों की गति सीमा पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अभियान चलाती रहती है। इस वर्ष के शुरूआती पांच महीनों में 12720 भारी वाहनों को चालान किया गया है। वर्ष 2020 में 33533 भारी वाहनों का चालान किया गया था। एक जनवरी से लेकर 31 मई तक 50 भारी वाहनों को जब्त किया गया है। वर्ष 2020 में 99 भारी वाहनों को जब्त किया गया था।