नई दिल्ली (पुरुषोत्तम वर्मा)। तिहाड़ जेल में मोबाइल फोनों का इस्तेमाल करने वाला इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का खूूंखार आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू तिहाड़ से बाहर चार लोगों से बात करता था। वह इन नंबरों पर अक्सर बात करता था। यही लोग उसका मोबाइल रिचार्ज कराते थे। ये चारों स्पेशल सेल के रडार पर हैं। आतंकी मोनू इन मोबाइल फोन से तिहाड़ जेल में भी अन्य आतंकियों और बदमाशों से संपर्क में था। स्पेशल सेल को इसके पक्के सुबूत मिल गए हैं। मोनू के अलावा अल कायदा का आतंकी रहमान भी तिहाड़ जेल में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक, तहसीन दिल्ली में चार लोगों से बात करता था। स्पेशल सेल इन चारों लोगों की जानकारी जुटाने के साथ पता लगा रही है कि तहसीन इनसे क्यों बात करता था। आशंका है कि ये आईएम के स्लीपर सेल हों। मोनू वाली आठ नंबर जेल में अल कायदा आतंकी रहमान के अलावा एक बड़ा गैंगस्टर भी बंद हैं। इस बात के भी सबूत मिल गए हैं कि रहमान भी जेल में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोनू की सेल से बरामद दोनों ही स्मार्ट फोन पर लॉक लगा हुआ है। दिल्ली पुलिस अब तक ये लॉक खोल नहीं पाई है। अब ये फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके बाद ही पता लगेगा कि वह किन-किन लोगों से बात करता था। विदेश में वह पाकिस्तान के अलावा कहां-कहां बात करता था। फोरेंसिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इन फोनों से टेलीग्राम चैनल क्रिएट हुआ था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को स्पेशल सेल की करीब छह घंटे पूछताछ के दौरान आतंकी तहसीन ने इस बात से इनकार किया कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर कार में विस्फोटक उसने रखवाए और जैश-उल-हिंद नाम से धमकी देने वाला टेलीग्राम चैनल उसने तैयार किया था।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, मोनू तिहाड़ जेल में करीब तीन महीने से मोबाइल फोनों का इस्तेमाल कर रहा था। इन दोनों ही फोनों में 4जी इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब तक यह भी पता नहीं पाई है कि अति सुरक्षित जेल में ये मोबाइल कैसे पहुंचे।
स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि तहसीन से सोमवार से फिर पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्पेशल सेल तहसीन को जल्द ही रिमांड पर ले सकती है। स्पेशल सेल में तैनात एसीपी स्तर के अधिकारी खुद जांच पर नजर बनाए हुए हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला देश के सबसे बड़े उद्योगपति से जुड़ा है। इसलिए गृह मंत्रालय खुद जांच पर नजर बनाए हुए है। स्पेशल सेल रोज की जांच की प्रगति की रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को देती है। पुलिस आयुक्त गृह मंत्रालय को इससे अवगत कराते हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी बताया कि तिहाड़ मामले की जांच कभी भी कुछ भी रूप ले सकती है।