नई दिल्ली। अब तक जितने भी हुनर हाट लगे, जवाहर लाल नेेहरू (जेएलएन) स्टेडियम का 26वां हुनर हाट उनमें सबसे भव्य है। इस बार यह आकार में तो बड़ा है ही, कलाकारों और उनके द्वारा निर्मित सामानों की तादाद भी काफी ज्यादा है। खाने-पीने, सजावट से लेकर पहनने-ओढ़ने और मनोरंजन के कई विकल्प यहां मौजूद हैं। मुख्य द्वार पर बना विशाल अशोक स्तंभ इसकी भव्यता का प्रतीक है। रविवार सुबह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसका उद्घाटन किया। तभी से यहां बनी भीड़ को देखकर आयोजक भी हैरान हैं।
आयोजन स्थल पर सुरक्षा घेरा पार करतेेे ही हुनर हाट का विशाल द्वार है। इसकी निर्माण शैली परंपरागत भारतीय शिल्प की है। इसे महल की तर्ज पर बनाया गया है। द्वार में प्रवेश करते ही दाएं अशोक स्तंभ का प्रतीक है। इसकी ऊंचाई हुनर हाट की भव्यता का अहसास कराती है। इसके पीछे हुनर हाट के आयोजक केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों का कार्यालय है। इसके सामने से खूबसूरत हुनर हाट दिखाई पड़ता है।
पूरे परिसर में चारों ओर लाल-हरे रंग का कालीन बिछा है। भीतर सैकड़ों दुकानें खुली हैं। हरेक पर उत्पाद के साथ उनके निर्माता कलाकार मौजूद हैं। यहां 600 से अधिक शिल्पकार, दस्तकार, कलाकार आए हैं। देश के लगभग सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के परंपरागत वस्त्र, बर्तन, सजावट के सामान, बिस्तर, दरियां, आभूषण, चप्पल, जूते, जूतियां यहां मिल रहे हैं। सबसे ज्यादा मिट्टी के बर्तन हैं। मिट्टी के बर्तनों का आधुनिक स्वरूप यहीं दिख रहा है।
लॉकडाउन का सदुपयोग कर निखारी कला
देश के कलाकारों ने कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन का भी सदुपयोग किया। उन्होंने अपनी कला को नए प्रयोगों से और निखारा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कलाकारों के उत्पादों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत और हमारे शिल्पकारों की मेहनत आत्मनिर्भर भारत बनाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अगले तीन साल के अंदर 80 हजार करोड़ से पांच लाख करोड़ ले जाएंगे।
बच्चों के मनोरंजन का भरपूर इंतजाम
हुनर हाट में बच्चों को हंसाने-गुदगुदाने के पर्याप्त इंतजाम हैं। जानवरों का लबादा पहन मसखरी करने वाले कलाकार बच्चों को खूब भा रहे हैं। बच्चे उनके साथ सेल्फी खींचते, फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा मध्य में एक बड़ा स्टेज है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर चल रहा है।