सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर अब दो फरवरी (मंगलवार शाम) तक इंटरनेट नहीं चलेगा। अधिकारियों ने कहा कि गृह मंत्रालय के आदेश पर किसान विरोध स्थलों पर इंटरनेट सेवाओं के निलंबन को मंगलवार रात तक बढ़ा दिया गया है।
तीनों बॉर्डर के अलावा, जहां किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ नवंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके निकटवर्ती क्षेत्रों में भी इंटरनेट नहीं चलेगा। 31 जनवरी की रात 11 बजे से 2 फरवरी की रात 11 बजे तक इंटरनेट नहीं चलेगा। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
बता दें तीनों बॉर्डरों पर और उनके आस-पास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक शुरू में 29 जनवरी की रात 11 बजे लगाया गया था। जो 31 जनवरी की रात 11 बजे तक प्रभावी था। वहीं 26 जनवरी को भी किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं।
हरियाणा के 14 जिलों में अभी भी इंटरनेट बंद
वहीं दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने यमुनानगर, रेवाड़ी और पलवल में इंटरनेट सेवाएं रविवार को बहाल कर दीं। अभी प्रदेश के 14 जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, सिरसा, सोनीपत और झज्जर में अभी भी इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। सिर्फ वॉयस कॉल ही कर सकेंगे।
स्थिति शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए लिया निर्णय
सरकार ने किसान आंदोलन के मद्देनजर स्थिति शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। गृह विभाग ने 14 जिलों में मोबाइल इंटरनेट की 2जी, 3जी, 4जी, सीडीएमए, जीपीआरएस, एसएमएस सेवाओं (केवल अधिसंख्य एसएमएस) और सभी डोंगल सेवाओं को निलंबित करने की अवधि 1 फरवरी 2021 शाम 5 बजे तक के लिए बढ़ा दी है। राज्य सरकार ने एसएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर आदि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से दुष्प्रचार और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया।