टिकरी बॉर्डर पर किसानों के लिए अब तक का सबसे बड़ा राहत कार्य किया जा रहा है। यहां सात एकड़ क्षेत्रफल में लगभग 1200 लोगों के लिए एक साथ रहने की व्यवस्था की जा रही है। खालसा एड की ओर से यहां पर किसानों के लिए विशालकाय विश्राम घर बनाया जा रहा है।
इसके निर्माण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस वाटर प्रूफ हाइटेक विश्राम घर में सीसीटीवी कैमरे, पीने व नहाने के लिए अलग-अलग पर्याप्त साफ पानी, पुरुषों और महिलाओं के रहने की अलग-अलग व्यवस्था व 50 बायोटॉयलेट और 50 स्नानागार बनाए जा रहे हैं।
लगातार जारी बरसात और कड़ाके की इस ठंड में आंदोलनकारी किसानों के लिए यह अबतक की सबसे बड़ी सौगत है। खालसा एड के दिल्ली टीम कॉर्डिनेटर कुलवीर सिंह ने बताया कि सिंघू बॉर्डर पर लगभग 600 लोगों के रहने के लिये एक बड़ा हाइड्रेलिक सेंट्रल पोर्टा केविन टेंट लगाया जा चुका है।
लेकिन टिकरी बॉर्डर पर बनाया जा रहा यह टेंट सबसे बड़ा है। इस अकेले टेंट का क्षेत्रफल ही 200 गुन 80 वर्ग फुट का है। लकड़ी की मजबूत प्लाई के उपयोग से जमीन से लगभग एक फुट ऊपर टेंट की फर्स बनाई गई है। ताकि जमीन की ठंड़क किसानों को न लगे।
उन्होंने बताया कि टेंट लगाने के लिए सात एकड़ जगह स्थानीय लोगों ने सेवाभाव में दी है। यह जगह बहादुरगढ़ बाइपास के पास सेक्टर-9 में बिल्कुल रोड के किनारे है।
पहले दिन से लगातार जारी है किसानों की सेवा
खालसा एड किसान आंदोलन के पहले दिन से लंगर सेवा दे रहा है। कुलविंदर सिंह ने बताया कि लंगर सेवा देने वालों की संख्या बढ़ने लगी तो उन्होंने किसानों की जरूरत की वस्तुएं देने का निर्णय लिया।